रोलिंग गांव के ओम प्रकाश ने घर में ठहराए चार छात्र
पैसे खत्म होने पर छात्रों को दी पांच हजार की मदद
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। रोहतांग दर्रा पार कर लाहौल में फंसे मध्य प्रदेश जबलपुर मेडिकल कॉलेज के चार छात्रों को लाहौल के रोलिंग गांव के ओम प्रकाश ने अपने घर में चार दिन तक शरण दी। उन्होंने इन चारों छात्रों सहित बर्फ में फंसे यात्रियों की नि:स्वार्थ भाव से सेवा की। प्रियंक जैन, मधुसूदन पाल, निशित सिंह तोमर और रूपेश बिड़ला 21 सितंबर को रोहतांग दर्रा घूमने गए थे कि अचानक हल्की बर्फबारी होने पर वे कोकसर की तरफ निकले। वापस आने पर रोहतांग दर्रा में भारी बर्फबारी होने पर उन्हें केलांग की ओर जाना पड़ा। इस दौरान उन्हें किसी तरह का ठिकाना न मिलने से रोलिंग गांव के ओम प्रकाश ठाकुर अपने घर ले गए। रोहतांग टनल होकर कुल्लू पहुंचे प्रियंक जैन ने बताया कि वे चार दिन ओम प्रकाश बबलू के घर में रहे, जहां उन्हें परिवार की तरह रखा गया। उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे भी खत्म हो गए थे। ऐसे में ओम प्रकाश बबलू ने उन्हें रास्ते के खर्चे के रूप में पांच हजार रुपये की सहायता दी और 26 सितंबर को रोहतांग टनल होकर सुरक्षित मनाली पहुंचे। कुल्लू पहुंचने पर बीएसएनएल के अधिकारी धर्मेश गुप्ता ने उनकेे दिल्ली भेजने की व्यवस्था की। छह दिन तक लाहौल में फंसे रहे मेडिकल के विद्यार्थियों ने बर्फ से ढकी लाहौल घाटी में अपनी स्वास्थ्य सेवाएं भी दीं। उन्होंने लाहौल और कुल्लू के लोगों ने उन्हें जो प्यार और मानवता का परिचय दिया है, वे कभी नहीं भूलेंगे। अपने घर लौटते हुए कहा कि भविष्य में मेडिकल छात्रों का एक दल लाहौल घाटी आएगा और यहां के लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देंगे।