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पर्यटन सीजन में पुलिस का बजौरा नाका गायब

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आईएस के निशाने पर है कसोल, फिर
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भी आसानी से कुल्लू पहुंच रहे संदिग्ध
पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस का बजौरा नाका गायब, यहां होती है संदिग्धों की चेकिंग जिला मुख्यालय ओर पार्वती वैली पहुंचने के लिए बजौरा होकर ही है एकमात्र सड़क मार्ग
राकेश राणा
कुल्लू। पार्वती घाटी का पर्यटन स्थल कसोल आईएस के निशाने पर आने के बाद पुलिस ने आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था तो चौकस की है, लेकिन अब पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस का बजौरा नाका गायब है। ऐसे में संदिग्ध आसानी से जिला की सीमा में दाखिल हो रहे हैं।
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कुल्लू जिला मुख्यालय और पार्वती वैली तक पहुंचने के लिए बजौरा होकर ही एकमात्र सड़क मार्ग है। पर्यटन सीजन के दौरान बजौरा में पुलिस नाका न होना बड़ी लापरवाही हो सकती है। यहां पार्वती घाटी और मनाली आ रहे और यहां वापस लौट रहे पर्यटक वाहनों की चेकिंग की जाती है, लेकिन इन दिनों नाके के अभाव में यहां कोई चेकिंग नहीं हो रही है। पर्यटन सीजन के दौरान कुल्लू-मनाली में वाहनों समेत लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाती है। सीजन के दौरान जिला में अवैध कारोबार भी बढ़ जाता है। ऐसे में जगह-जगह नाकों की जरूरत रहती है, ताकि कानून व्यवस्था दुरुस्त रखी जा सके, लेकिन पुलिस कर्मचारियों की कमी से जूझ रही कुल्लू पुलिस ने यातायात पर ही पूरा फोकस रखा है। बावजूद इसके पर्यटन सीजन के दौरान जाम की स्थिति पर भी पुलिस काबू नहीं रख पाई है। वामतट बड़े वाहनों के लिए बंद होने के कारण पुलिस ने अपनी पूरी ताकत दाएं तट में यातायात को व्यवस्थित करने में लगाई है। अतिरिक्त पुलिस बल मिलने के बावजूद फील्ड के पुलिस कर्मियों को भी अन्य दायित्व दिए गए हैं। कुल्लू जिला की सीमा में दाखिल होते ही बजौरा में नाका होने से शरारती तत्वों के हौसले भी परस्त हो जाते हैं, लेकिन मंडी से मनाली जाते बार बीच में नाका न मिलने पर धड्डले युवा हुड़दंग मचाते हुए वाहनों में जाते हैं। हालांकि बीच रास्तों में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए होमगार्ड जवान और पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। इधर, एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों की कमी के चलते बजौरा नाका अस्थायी तौर पर हटाया गया है। जल्द दोबारा नाका स्थापित किया जाएगा।
बजौरा नाका में मिलती है सफलता
बजौरा नाका में सामान्य तौर पर पुलिस जवान कुल्लू-मनाली से बाहरी राज्यों को जाने वाली बसों की चेकिंग करते हैं। यहां संदिग्धों से पूछताछ भी की जाती है। यहां अकसर चरस, हेरोइन समेत अन्य तस्करी के मामले पकड़े जाते हैं। वोल्वो बसों की भी यहां चेकिंग की जाती है, लेकिन इन दिनों यह चेकिंग नाके के अभाव में बंद हो गई है।
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आतंकियों और संदिग्धों की पनाहगाह बन चुकी है शांत वादियां
कुल्लू घाटी की शांत वादियां आतंकियों और संदिग्धों की पनाहगाह बनती जा रही हैं। पुलिस समेत अन्य जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर वेश और नाम बदलते हुए कई संदिग्ध कुल्लू की शांत वादियों में रह चुके हैं। जिनका खुलासा जांच के दौरान हो चुका है। बंजार क्षेत्र से आतंकी आबिद पकड़ा जा चुका है, जबकि कसोल में एक आईएस आतंकी रेकी कर चुका है। हाल ही में कर्नाटक का सुपारी किल्लर भी कुल्लू से पकड़ा गया है।
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