लाहौल के गांवों में छह
दिन बाद बिजली बहाल
पलचान ग्रिड से सप्लाई बंद होने पर आई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल के गांवों में छह दिन बाद बिजली बहाल हो गई है। पावर हाउस थिरोट से बिजली आपूर्ति पूरी नहीं होने के कारण लाहौल के अधिकतर गांव के लोगों को पांच दिनों तक अंधेरे में ही रहना पड़ा। पलचान ग्रिड से सप्लाई बंद होने से घाटी में बिजली गुल रही।
कोकसर के समीप भूमिगत केबल क्षतिग्रस्त होने से लाहौल में बिजली बाधित रही। बिजली बोर्ड को मजबूरन शिमला से फॉल्ट डिटेक्टिव वैन मंगवानी पड़ी। इसके बाद भूमिगत केबल के क्षतिग्रस्त का पता चला। बिना बिजली के बीएसएनएल की सेवाएं भी ठप रहीं। मोबाइल फोन भी शोपीस बनकर रह गए थे।
इस संबंध में विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता श्याम लाल ने कहा कि पलचान ग्रिड से सप्लाई होने वाली 33 केवी लाइन में मामूली फॉल्ट आ रहा था। जिसके चलते घाटी में बार-बार बिजली सप्लाई फेल हो रही थी। बोर्ड के कर्मचारी ने रोहतांग से करगा तक पोल टू पोल तीन मर्तबा लाइन को चेक किया। आखिर में उन्हें मशीन के माध्यम से कोकसर के समीप भूमिगत केबल में फॉल्ट मिला। श्याम लाल ने कहा कि टीम की कड़ी मेहनत से बिजली बहाल कर लोगों को राहत पहुंचाई है।