ग्रामीण डाक सेवकों की
हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
रोष जताकर केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
बोले, मांगे पूूरी होने तक बंद रखा जाएगा कामकाज
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/भुंतर। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। वीरवार को ग्रामीण डाक सेवकों ने मुख्य डाकघर में रोष जताकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि हड़ताल से कामकाज प्रभावित हो रहा है। लोग डाक लेने के लिए डाकघरों तक खुद पहुंच रहे हैं।
संघ के सचिव अच्छर सिंह ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक डाक विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं। जो देश की 80 प्रतिशत आबादी की सेवा कर रहा है। लंबे अरसे से डाक सेवकों के भत्ते व वेतन निर्धारण के लिए गठित कमलेश चंद्रा कमेटी की सिफारिशें लागू की होने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है। ग्रामीण डाक सेवकों को 2016 का सातवां वेतन स्केल नहीं मिला है। आधा कर्मचारियों को यह दिया गया है।
उन्होंने कहा कि विभाग के द्वारा उन्हें जो टारगेट दिए जाते हैं। उन्हें ग्रामीण डाक सेवक पूरा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें नया वेतन नहीं दिया जा रहा है। कई बार विभाग को इसके लिए अवगत करवाया लेकिन आज तक विभाग ने उनकी बात को नहीं सुना है। जब तक उनकी मांगों को नहीं सुना जाता है ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान हरी सिंह, बलजीत कुमार, हरनाम चंद, रोशन लाल और राजेश आदि मौजूद रहे।
उधर उप डाकघर भुंतर में भी ग्रामीण डाक सेवक हड़ताल पर रहे। नेशनल ग्रामीण डाक सेवक यूनियन मंडी मंडल के प्रधान दीवान चंद ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं की जाती तब तक कामकाज ठप रखा जाएगा। इस दौरान दीवान चंद, प्रेमलता, धर्मवीर, तारा देवी, बालक राम, दिनेश शर्मा, सुजाता, रमेश, महेंद्र, दीनानाथ, राम सिंह, निरत राम, कांशी राम और प्रीतम आदि मौजूद रहे।