घाटी के पर्यटन के लिए बनेगा मास्टर प्लान
लाहौल घाटी प्रवास के दूसरे दिन सुनीं जनता की समस्याएं
बोले, क्षतिग्रस्त कूहलों का करेंगे मरम्मत कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग/उदयपुर। कृषि, जनजातीय विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा ने सोमवार को लाहौल प्रवास के दूसरे दिन कारदंग, बरवोग, नमची, लपचंग, छेलिंग, प्यासों तथा प्यूकर में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अधिकारियों को मौके पर ही निपटाने के आदेश दिए।
मंत्री मारकंडा ने कहा कि कृषि, बागवानी और पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर लाहौल-स्पीति को प्रदेश का अग्रणी जिला बनाना लक्ष्य रहेगा तथा कृषि के क्षेत्र में धन की कमी आड़े आने नहीं दी जाएगी। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि तथा कृषि उपकरणों की खरीद के लिए वर्तमान सरकार द्वारा 12 बीघा भूमि की शर्त को खत्म कर दिया गया है जिससे सभी किसान कृषि उपकरण प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे उपदान पर खरीद सके।
उन्होंने कहा कि जिले को पर्यटन के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे रोहतांग टनल के बन जाने से लाहौल-स्पीति में पर्यटन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर विकसित हो सके। प्रदेश सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं आरंभ की गई हैं। जिसके तहत कृषकों को आवश्यक प्रशिक्षण तथा जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिसके लिए इस वित्त वर्ष में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। घाटी मेें निर्माणाधीन सड़कों, पुलों का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा तथा क्षतिग्रस्त कूहलों का मरम्मत कार्य भी किया जाएगा। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी केलांग अमर नेगी, चेयरमैन जिला परिषद रमेश, बीडीसी चेयरमैन सुमिता, जनजातीय सलाहकार समिति के सदस्य शमशेर शंगपा मौजूद रहे।