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सूखे से 50 फीसदी लहसुन की खेती तबाह

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सूखे से 50 फीसदी लहसुन की खेती तबाह
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खेतों में पीली पड़ने के साथ मुरझाने लगी लहसुन की पौध
कुल्लू में 1200, प्रदेश में 3800 हेक्टेयर में की है बिजाई
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश में नकदी फसलों में शुमार लहसुन की खेती सूखे से खराब होने लगी है। लहसुन की 50 फीसदी फसल खेतों में ही नष्ट हो गई है। नमी नहीं होने से लहसुन जहां पीली पड़ गई है तो वहीं पौध भी मुरझाने लगी है। प्रदेश में 3800 और जिला कुल्लू में 1200 हेक्टेयर में लहसुन की खेती की जाती है। इससे सूबे में करीब 40 हजार किसान जुड़े हैं। मौसम की बेरुखी से कृषि विभाग भी अलर्ट हो गया और जिला के सभी खंडों के अधिकारियों से लहसुन के नुकसान की रिपोर्ट तलब की है।
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घाटी में लहसुन की खेती को बड़े पैमाने पर किया जाता है और इसका क्षेत्रफल साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। जिला में 500 हेक्टेयर से बढ़कर 1200 हेक्टेयर तक पहुंच गई है और इस साल भी किसानों ने बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती की है। कई किसानों ने बिजाई दोगुनी कर रखी है। किसान आलम चंद, देनी चंद, खेम राज, सेस राम, हीरा लाल, किशोरी लाल, सोहन लाल, ओम प्रकाश, बेली राम का कहना है कि अक्तूबर माह से पड़े सूखे से नकदी फसल लहसुन 50 फीसदी तक खराब हो गई है। सिंचाई सुविधा के अभाव से लहसुन की पौध मुरझा गई है। हजारों किसानों की आर्थिकी नकदी फसल लहसुन है। किसानों ने इसकी निराई का कामकाज पूरा कर दिया है परंतु खेतों में उचित नमी नहीं होने से खतरा दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। कृषि विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ रतन भारद्वाज ने कहा कि सूखे से लहसुन की खेती पीली पड़नी शुरू हो गई है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट सभी एसएमएम से मांगी है। अगर कुछ दिनों में बारिश होती है तो स्थिति सुधर सकती है।
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