कुल्लू। आपदा के 24 दिन बाद भी जिले में 59 संपर्क मार्ग बंद हैं। सड़कों को भूस्खलन से जिस तरह से नुकसान हुआ है, इन्हें बहाल करने में समय लग रहा है।
भूस्खलन से गिरे मलबे को जेसीबी से हटाया जाता है, लेकिन बारिश के बाद फिर मलबा सड़क पर आ जाता है। सड़कें बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
लोक निर्माण विभाग के कुल्लू मंडल में 29 सड़कें बंद हैं जबकि मनाली मंडल में भी 17 सड़कें बंद चल रही हैं। बंजार मंडल में भी 13 सड़कें बाधित हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से एक दिन में कम से कम छह सड़कों को बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। बाढ़ और भारी बारिश के बाद 200 से अधिक सड़कें बाधित हो गई थीं।
दूसरी ओर बिजली के 45 ट्रांसफार्मर अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। 45 में से 20 ट्रांसफार्मर जल शक्ति विभाग की योजनाओं को चलाने के लिए हैं। मलाणा और सैंज के दुर्गम क्षेत्रों के करीब 50 गांवों के लोग तीन सप्ताह से अंधेरे में रह रहे हैं।
बिजली बोर्ड के कर्मचारी और काम में लगे मजदूर सुबह से लेकर अंधेरा होने तक बिजली की बहाली में लगे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में खंभे आदि पहुंचा दिए गए हैं। इसी सप्ताह तक इन दुर्गम 50 गांवों में बिजली बहाल होने का अनुमान है।
बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता आरएस ठाकुर ने कहा कि खंभे आदि पहुंचाने में परेशानी हुई। आबादी से जुड़े हुए 25 ट्रांसफार्मरों को इस सप्ताह ही शुरू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि बंद पड़ी संपर्क सड़कों को युद्धस्तर पर बहाल किया जा रहा है।
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भेखली और छमाहण सड़क अभी भी बंद
हिमाचल पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश महासचिव टीडी ठाकुर ने कहा कि भेखली सड़क में बड़ी चट्टानें पड़ी हैं। इससे बड़े वाहन इस पर नहीं जा रहे हैं। बड़े वाहन न चलने से क्षेत्र के लोगों को दिक्कतें पेश आ रही है। छरोड़नाला-छमाहण सड़क भी सात दिनों से बंद है। ओझरी नामक जगह पर भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध है। लोक निर्माण विभाग दोनों सड़कों को बहाल करने के लिए तुरंत प्रयास करे।