उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जिला कुल्लू की मंडियों में आढ़तियों की ओर से किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। आढ़ती एपीएमसी के नियमों का दरकिनार कर किसानों से 100 किलोग्राम आलू पर पांच किलोग्राम धूल के वजन की गैर कानूनी वसूली रहे हैं।
इस बार लाहौल घाटी में महज 11 हेक्टेयर भूमि पर आलू का उत्पादन किया गया है और घाटी के किसान आलू उत्पादन के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद से कुल्लू जिला की सब्जी मंडी में उत्पाद बेच रहे है। ऐसे में आढ़तियों की ओर से किसानों से प्रति क्विंटल आलू की खरीद पर पांच किलो वजन धूल का काटा जा रहा है। लाहौल घाटी के किसानों का कहना है कि इस बार लाहौल घाटी में आलू के कम उत्पादन के चलते 50 किलोग्राम का कट्टा (बोरी) एक हजार रुपये तक दाम मिल रहा है। जबकि लाहौल आलू बीज को लेकर एलपीएस के पास देश के छह से सात राज्यों सेे मांग है। लेकिन कम उत्पादन के चलते बाहरी राज्यों को आलू बीज की आपूर्ति करना मुश्किल है। किसान रमेश चंद तथा पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने कुल्लू जिला की सब्जी मंडियों में अपना आलू बीज बेचा है। इसमें आढ़तियों ने 100 किलोग्राम आलू पर पांच किलो वजन धूल का काटा। उन्होंने जब इस बारे में पूछा तो आढ़ती ने कहा कि कुल्लू जिला की सभी मंडियों में पांच किलो धूल का वजन काटा जा रहा है। इस मामले को लेकर गुस्साए किसानों ने प्रदेश सरकार से ऐसे आढ़तियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि आढ़ती एपीएमसी के नियमों का दरकिनार कर अपने मनमर्जी से इस तरह के धंधों को अंजाम दे रहे है।
मनमानी करना गलत : सुशील
कृषि उपज विपणन समिति कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि इस तरह के आढ़तियों की ओर से मनमानी करना गलत है। उन्होंने कहा कि उनके ध्यान में मामला नहीं आया है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी।
आढ़तियों पर होगी कानूनी कार्रवाई : मारकंडा
कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि आढ़ती किसानों से गैर कानूनी ढंग से ऐसा नहीं कर सकते हैं और ऐसे आढ़तियों पर कानूनी कार्रवाई होगी। मारकंडा ने कहा कि एक क्विंटल आलू की खरीद पर पांच किलो धूल का वजन काटने की अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।