अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। ऊझी घाटी के गौशाल गांव में शौयरी मेले की धूम रही। देवता ब्यास ऋषि, गौतम ऋषि, कंचन नाग और भांदल माता के सम्मान में मनाए गए मेले में देवता वशिष्ट ऋषि, पराशर ऋषि, थान देवता, वीर नाथ और शांडिल्य ऋषि अपने हारयानों के साथ शामिल हुए। गौशाली नाग के कारदार हरि सिंह ने बताया कि हर वर्ष की भांति गौशाल का ऐतिहासिक शौयरी मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है।
लोगों के मनोरंजन के लिए खेलों के साथ-साथ रात्रि कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है। लीगन में भी देवता नारायण के जन्मदिन पर शौयरी मेला मनाया गया। इस दौरान 18 वर्षों के बाद देवता का गूर भी निकाला गया। देवता के कारदार युवराज ने बताया कि लोगों की आस्था गूर पर होती है। ऐसे में नए गूर निकलने से हारियानों में खुशी की लहर है। मेला कमेटी के प्रधान हीरा लाल ने बताया कि मेले में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन पंचायत समिति के उपाध्यक्ष अमर चंद ठाकुर ने किया। खेलों का शुभारंभ ब्राण पंचायत के पूर्व प्रधान एवं भाजपा मंडल के उपाध्यक्ष पन्ना लाल की ओर से किया गया।