मनाली/पतलीकूहल। विश्व-विख्यात पर्यटन नगरी मनाली में इस बार टूरिस्ट सीजन मंदा ही रहा। पर्यटन सीजन के दौरान कारोबार कम रहने से पर्यटन कारोबारी नाखुश है। हालांकि कुछ सप्ताह के लिए पर्यटन कारोबार ने अच्छी रफ्तार पकड़ी है लेकिन शिमला में पानी की कमी की खबरों के चलते मनाली पर भी इसका उल्टा असर हुआ।
वहीं फोरलेन निर्माण के चलते मनाली की खराब सड़कों को देख भी सैलानी मनाली से निकलने लगे हैं जिसका असर सीधा पर्यटन कारोबार पर पड़ा। मनाली का मुख्य आकर्षण बर्फ भी इस बार पहाड़ों से जल्दी पिघल गई। पर्यटन नगरी का मुख्य आकर्षण मनाली व आसपास में बर्फ से लदे पहाड़ हैं। बाकी कसर एनजीटी के मापदंडों पर होटलों के सही न उतरने की खबरों ने पूरी की। इसके चलते पर्यटन नगरी मनाली में पर्यटन कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पाया।
आलम यह है कि अब जून के चौथे सप्ताह में मनाली के होटलों की ओक्यूपेंसी साठ फीसदी ही रह गई है। हालांकि मानसून तक पर्यटन सीजन चलेगा। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस बार पर्यटन कारोबार उम्मीदों के मुताबिक नहीं हो पाया। अब जुलाई में मैदानी इलाकों में बच्चों के स्कूल शुरू हो जाएंगे। लिहाजा स्कूल की तैयारियों के लिए सैलानी एक सप्ताह पहले ही घरों की ओर लौटने लगे हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि दीवाली-दशहरा तथा दिसंबर जनवरी में बर्फबारी इस कमी को पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल पाया है।