जातीय भेदभाव मामले में
सड़कों पर उतरी एसएफआई
भाजपा सरकार में बढ़े दलितों पर अत्याचार के मामले
बोले, कार्रवाई नहीं की तो करेंगे उग्र आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हाई स्कूल चेष्टा में अनुसूचित जाति के बच्चों के साथ हुए जातीय भेदभाव का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभिन्न दलित संगठनों के बाद अब एसएफआई भी सड़कों पर उतर गई है। एसएफआई ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर एक जाति विशेष के विद्यार्थियों के साथ हुए भेदभाव को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
एसएफआई के जिला अध्यक्ष अजय बक्शी ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद दलितों पर अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं। एसएफआई दलितों के साथ भेदभाव को लेकर हमेशा खड़ी रही है। इस प्रकार का अत्याचार कतई सहन नहीं किया जाएगा। एसएफआई ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
वहीं एसएफआई के जिला सचिव आशीष ने कहा कि चेष्टा स्कूल में सामने आए मामले ने शिक्षकों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चे के भविष्य को संवारने का जिम्मा शिक्षक का होता है, लेकिन जिस तरह से अनुसूचित जाति के बच्चों के साथ भेदभाव किया गया, उसे एसएफआई कतई सहन नहीं करेगी। एसएफआई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जातीय भेदभाव मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो एसएफआई द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुनील, मनोज, रिंपल, कल्पना, शिवानी, अनिशा, अंजना, प्रवीण, राहुल और सोनू आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।