जपनिज प्लम से महकेंगे अब सूबे के बगीचे
ब्लैक अंबर प्लम परीक्षण में पाया बेहतर
पांच साल में देता है पौधा फल, प्लम का स्वाद भी लाजवाब
अमी चंद भंडारी
खराहल (कुल्लू)। सेब उत्पादन के लिए मशहूर कुल्लू में विदेशी प्रजाति के फलों के कई अनुसंधान कार्य सफल रहे हैं। अब जपनिज प्लम ब्लैक अंबर का परीक्षण भी सफल रहा है। अनुसंधान केंद्रों में इस के पौधों में फल भी अब मिलने शुरू हो गए हैं। इस प्रजाति के प्लम की सेल्फ लाइफ भी अन्य प्लम से उम्दा किस्म की है।
कुल्लू के विभिन्न स्थानों पर इसके पौधों को रोपित किए जा रहे हैं। बागवानी अनुसंधान बजौरा और सेउबाग में ब्लैक अंबर प्लम के पौधों में फल देने शुरू कर दिए है। गहरे लाल रंग का बडे़ आकार वाले इस प्लम का स्वाद भी लाजवाब है। कुल्लू के अलावा शिमला, मंडी, सोलन और सिरमौर में इसके पौधे तैयार हो रहे है। खास यह है कि यह जुलाई के पहले पहले सप्ताह के बाद तैयार होता है। इस समय बाजार में अन्य प्रजाति के प्लम समाप्त हो चुके होते हैं। लिहाजा इसके मार्केट में बढ़िया दाम मिलते हैं।
गत वर्ष दिल्ली की आजादपुर मंडी में 150 रूपये प्रति किलो बिका था। हालांकि अभी चुनिंदा बागवानों के बगीचों में यह प्लम पैदा हो रहा है। बताया जा रहा कि अभी इस प्रजाति के प्लम के पौधे भी नर्सियों में कम ही उपलब्ध हो रहे। इस संबंध में बागवान अमित कुमार, चमन, देवराज नेगी, सुनू राम, वेद ठाकुर, महेश शर्मा, ज्ञान ठाकुर और नवीन कुमार आदि के अनुसार इसकी सेल्फ लाइफ भी अन्य प्लम से बेहतर है।
इस प्रजाति का प्लम अनुसंधान में तैयार हो रहा है। कुछ पेड़ों में आने शुरू हो गए हैं। इस फल का आकार बड़ा और रंग चोखा है। इसकी सेल्फ लाइफ अन्य प्लम से उम्दा है। मंडियों में स्वाद लाजवाब होने के कारण इसके बागवानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। जुलाई के पहले सप्ताह के बाद ब्लैक अंबर तैयार हो जाता है।
-डॉ. किशोर खोसला, प्रभारी बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग कुल्लू।