मणिकर्ण, ठावा तथा वशिष्ठ में भी उड़ा गुलाल
इन जगहों पर जुड़ा है भगवान रघुनाथ का इतिहास
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। ऐतिहासिक ढालपुर में मनाई गई वसंत पंचमी के साथ जिला के हरिपुर, मणिकर्ण, ठावा और वशिष्ठ में भी देव परंपरा के तहत खूब गुलाल उड़ाया गया। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में सदियों से बसंत पंचमी का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को भी यहां परंपरागत तरीके से भगवान राम की भव्य रथयात्रा निकाली गई। इसके अलावा ऊझी घाठी के हरिपुर, ठावा तथा वशिष्ठ में भी रथयात्रा निकाल कर लोगों ने पुण्य कमाया है।
उपरोक्त सभी जगहों पर सालों से भगवान रघुनाथ का इतिहास जुड़ा है। जिला देवी देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि 1651 में जब भगवान रघुनाथ को अयोध्या से देवभूमि कुल्लू लाया था और सबसे पहले भगवान रघुनाथ की मूर्ति को गड़सा घाटी के मकराहड़ में रखा गया था। इसके बाद धार्मिक नगरी मणिकर्ण और बाद में जिला मुख्यालय के रघुनाथपुर में लाया गया। वशिष्ठ में भगवान राम का मंदिर है और हरिपुर व नग्गर के ठावा में मुरलीधर (श्रीकृष्ण) के मंदिर है। हरिपुर, वशिष्ठ, ठावा, कुल्लू तथा मणिकर्ण में भी अगले 40 दिनों तक होली मनाई जाएगी और उपरोक्त देवालयों में रोजाना गुलाल उड़ाया जाएगा।
हरिपुर में भी रही वसंत पंचमी की धूम
हरिपुर (कुल्लू)। मनाली के वामतट पर स्थित ऐतिहासिक गांव हरिपुर में वसंत पंचमी उत्सव मनाया गया। वसंत पंचमी उत्सव में भरत मिलन की परंपरा को निभाया गया। ठाकुर माधोराय के कारदार देवी दियाल शर्मा ने बताया कि ठाकुर माधोराय के पास आज से होली पर्व तक होली भी खेली जाएगी। ठाकुर माधोराय के पुजारी दौलत राम आचार्य ने बताया कि आज बसंत पंचमी पर्व पर हनुमान द्वारा भरत-मिलन की परंपरा को निभाया गया। हनुमान की रस्म देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।