कुल्लू। एनजीटी व हाईकोर्ट ने होटल कारोबारियों पर शिकंजा कस दिया है। एनजीटी के आदेश पर हो रहे निरीक्षण से घबराए कई होटल संचालकों और मालिकों ने अपने होटलों में ताले जड़ दिए हैं और होटल बंद करने के नोटिस चस्पां कर दिए हैं। कसोल में भी हाईकोर्ट की सख्ती पर रातों-रात कई होटलों को घरों में तबदील कर दिया गया था। अब कार्रवाई से बचने के लिए अन्य क्षेत्रों में भी होटलों में ताले जड़े जा रहे हैं। एनजीटी व हाईकोर्ट के सख्त रूप पर होटल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
एनजीटी ने कुल्लू में 1700 होटलों की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए एक समिति बनाई गई है। होटलों में जांच के बाद खामियां पाए जाने पर होटलों के बिजली कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। अब तक पर्यटन नगरी मनाली में पांच दर्जन से अधिक होटलों के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। जबकि कुल्लू में भी दो होटलों की बिजली काट दी गई है। जबकि हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच के बाद मणिकर्ण घाटी के कसोल में कई होटल अवैध पाए गए हैं। कार्रवाई से बचने के लिए यहां पर कई होटल संचालकों ने अपने होटल बंद करने का मामला सामने आया था। ऐसा सिर्फ कार्रवाई की तलवार से बचने के लिए किया जा रहा है। कुल्लू, मनाली में अभी तक 1700 होटलों का निरीक्षण कमेटी कर रही है। कमेटी की दस्तक से पहले ही कई होटल कारोबारियों ने अपना धंधा समेत कर होटल बंद करने के नोटिस तक चिपका दिए हैं। जिससे चर्चाओं का माहौल गर्म है।
उधर, एसडीएम सदर व कमेटी चेयरमैन सन्नी शर्मा ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर कमेटी निरीक्षण कर रही है। नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है। कसोल में भी हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई अमल पर लाई गई है। मानकों को पूरा न करने वाले सभी होटलों पर नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।