सैंज (कुल्लू)। सिंयुड-न्यूली सड़क की अनदेखी पर सोमवार को जनप्रतिनिधियों ने एचपीपीसीएल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी की अगुवाई में जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों ने सिंयुड में जोरदार प्रदर्शन किया। घंटों तक ग्रामीण सड़क पर डटे रहे। परियोजना के डीजीएम पीके टंडन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीण मौके से हटे। इस दौरान ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी भी की। मामला बिगड़ता देख मौके पर नायब तहसीलदार झालफू राम और पुलिस भी पहुंची। जनप्रतिनिधियों ने चेताया है कि दो माह में टारिंग नहीं हुई तो अनशन का सहारा लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों के अल्टीमेटम के बावजूद सैंज घाटी की सिंयुड-न्यूली सड़क पर टारिंग नहीं की जा रही थी, जिस पर प्रभावित पांच पंचायतों के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हुए हैं और एक साल पहले टारिंग की गई थी। वह भी अधूरी हुई थी और एक महीने में ही उखड़ गई थी। जिसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
इस दौरान ग्राम पंचायत प्रधान देउरीधार निर्मला देवी, उप प्रधान भगत राम, शैंशर पंचायत प्रधान नरेश कुमार, गाड़ापारली पंचायत प्रधान भाग सिंह, शांघड़ पंचायत प्रधान सवित्रा देवी, उपप्रधान लेद राम, सुचेहन पंचायत प्रधान रेवती राम, उपप्रधान रोशन लाल, मालती देवी, जैवंती देवी, प्रेम सोनी, रोशन लाल, दलीप सिंह, ओम प्रकाश, मीरा देवी, रोशन लाल, प्रताप चंद, हरी देवी, चंपा देवी, दीपक चौहान, दीपू सिंह, गंगे राम, बिहारी लाल, रोहित सिंह, चमन चौहान, खेम राज, राजू चौहान, हीरे लाल, लक्ष्मी कांत, शेर सिंह, रोशन लाल, दिले राम, मान सिंह, राम लाल, किशन चंद, दुनी चंद, नारायण सिंह, गोपाल सिंह, जीवन शर्मा, नीलम शर्मा, भाग चंद, घुंगरमल, कृष्ण चौहान और हीरा लाल के अनुसार जल्द ही टारिंग का कार्य शुरू किया जाए। वहीं एचपीपीसीएल के डीजीएम पीके टंडन ने ग्रामीणों को लिखित रूप में आश्वासन दिया है कि आज से ही सड़क पर गटका बिछा दिया जाएगा और टारिंग शुरू कर दी जाएगी।