खराहल (कुल्लू)। लहसुन के दाम में एकाएक गिरावट से किसान मुश्किल में हैं। शुरुआती दौर में ए श्रेणी का लहसुन 60 से 65 रुपये तक बिक रहा था। लेकिन रविवार को इसकी कीमत में 15 से 20 रुपये तक गिरावट आई है। ऐसे में किसानों को आर्थिक तौर पर नुकसान होने की संभावना बन गई है।
किसानों का कहना है कि लहसुन का बीज 150 रुपये प्रति किलो तक खरीदा है। इसकी खेती में भी काफी खर्चा उठाना पड़ता है। कुल्लू के लहसुन उत्पादक अमित ठाकुर, राजेश, सुरेश, कमल, राजू, अनूप ठाकुर, सजीव आदि का कहना है कि इस साल लहसुन के दाम मनमाफिक नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते किसानों नुकसान हो रहा है। बताया जा रहा है कि यूपी, मध्य प्रदेश और गुजरात में भारी उत्पादन होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो गई है।
कुल्लू जिला में तकरीबन 300 ट्रक लहसुन बाहरी राज्यों को भेजा जाता है। जिला में वर्तमान में 1200 हेक्टेयर भूमि पर लहसुन की खेती हो रही है। लेकिन इस वर्ष उम्दा दाम नहीं मिलने से किसान काफी मायूस है। किसानों को कहना है कि खेती पर किया हुआ खर्चा भी पूरा करना मुश्किल हो रहा है। पिछले वर्ष लहसुन 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका था। ऐसे में किसानों ने उत्साहित होकर इसकी खेती बढ़ा दी थी। लेकिन उम्दा दाम नहीं मिलने से किसान काफी मायूस है।
समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग
प्रदेश किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने सरकार से समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की है। बंदरोल सब्जी मंडी के पूर्व चेयरमैन हुकम ठाकुर ने अनुसार यूपी ,गुजरात और मध्य प्रदेश में उत्पादन उम्दा होने से दाम कुछ कम हुए हैं।