दांव पर मुसाफिरों की जान, रोजाना सड़कों पर खड़ी होने से परेशान हो रहे लोग
माशनूनाला और बालीचौकी हाईवे पर बसें खराब होने से परेशान रहे 60 यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की सर्पीली और दुर्गम सड़कों पर 47 खटारा बसें रोजाना हिचकोले खा रही हैं। ये बसें सवारियों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। कुल्लू डिपो की ये बसें समय सीमा पूरी कर चुकी हैं, फिर भी निगम इन्हें चला रहा है।
माशनूनाला और बालीचौकी जैसे हाईवे पॉइंट्स पर बसें बीच रास्ते में खड़ी हो गईं। इससे 60 से अधिक यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इनमें अधिकांश स्कूली विद्यार्थी थे। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकार और परिवहन विभाग को इन खटारा बसों को तुरंत बेड़े से हटाना चाहिए, वरना दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता रहेगा।
अपनी वैल्यू पूरी कर चुकीं कुल्लू डिपो की 47 बसें जिले की सर्पीली सड़कों पर दौड़ रही हैं। हालांकि, डिपो के पास कंडम हो चुकीं बसों की संख्या 48 है। इनमें एक बस को निगम ने कुछ दिन पहले बेड़े से बाहर किया है। अन्य बसों का अभी संचालन किया जा रहा है।
समय अवधि को पूरा करने वाली ये बसें रोज सड़कों पर खड़ी हो रही हैं। 14 जनवरी को हाईवे-305 एक साथ दो बसें खराब हो गईं। एक बस हाईवे-305 के माशनूनाला के पास और दूसरी बस बालीचौकी के आसपास बीच हाईवे में खड़ी हो गई। माशनूनाला के पास 35 सवारियों को चार घंटे तक दूसरी बस के लिए इंतजार करना पड़ा। इनमें 80 फीसदी स्कूली विद्यार्थी शामिल थे। आए दिन कुल्लू के साथ केलांग डिपो की बसें भी जगह-जगह सड़क पर खड़ी होती देखी गईं।
मोहर सिंह, रोहित साहसी, बेली राम, नारायण सिंह, मेघ सिंह, दलीप सिंह, मनोज कुमार, संजय कुमार, पदम सिंह व लीला प्रकाश ने कहा कि सरकार को खटारा बसों को सड़क से हटाकर नई बसों का संचालन करना चाहिए। इस तरह की बसें कभी सवारियों को धोखा दे सकती हैं।
कुल्लू डिपो में कुल 48 बसें हैं। इसमें एक को हटा दिया है। 47 बसों को संचालन किया जा रहा है। सरकार नई बसों की खरीद कर रही है। इसका डिपो स्तर पर ट्रायल चल रहा है। ये बसें आने पर इन्हें बेड़े से हटाया जााएगा। - डीके नारंग उपमंडलीय प्रबंधक कुल्लू
सरकार और परिवहन विभाग को खटारा हो चुकी बसों को अपने बेड़े से जल्द हटा देना चाहिए। जिला की खराब सड़कों पर इन बसों को चलाना सवारियों की जान से धोखा है। हर वर्ग बसों की दयनीय हालात से परेशान है। -धर्म सिंह ठाकुर
जिले में आपदा के बाद मुख्य सड़कों के साथ ग्रामीण सड़कों की दशा बहुत खराब है। ऐसे में सरकार को समय अवधि पूरी कर चुकीं इन बसों को नहीं चलाना चाहिए। यही कारण है कि ये खटारा बसें सड़कों पर बार-बार खड़ी हो रही हैं। -केसर सिंह ठाकुर