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माइनस 15 डिग्री में ठिठुरने को मजबूर सैकड़ों बच्चे

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अमर उजाला ब्यूरो
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। आंगनबाड़ी केंद्रों में हीटिंग सिस्टम नहीं होने से सैकड़ों नौनिहाल माइनस डिग्री तापमान में ठिठुरने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में घाटी के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में अभिभावक अपने खर्चे पर लकड़ी मुहैया करवा रहे हैं। बर्फबारी के बीच घाटी में इन दिनों पारा शून्य से करीब 15 डिग्री नीचे चल रहा है। लाहौल-स्पीति में करीब 123 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनसे करीब दो हजार बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।
इतनी ठंड में बिना हीटिंग सिस्टम से ये बच्चे किस हालात में आंगनबाड़ी केंद्रों में चार घंटे का वक्त गुजार रहे हैं, यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लेकिन सरकार लाहौल में चल रहे इन आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए देश में छह माह से छह साल तक के बच्चों को निशुल्क पौष्टिक आहार मुहैया करने के साथ कुपोषण समाप्त और बौद्धिक विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन सरकार इन नौनिहालों को सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। सर्दियों के दौरान लकड़ी की व्यवस्था नहीं होने से घाटी के कई दुर्गम इलाकों में आंगनबाड़ी केंद्रों को सुचारु रूप से खुले रखने में मुश्किल हो गया है। विभाग का दावा है कि निदेशालय महिला एवं बाल विकास को लकड़ी मुहैया करवाने के लिए 19 लाख 88 हजार की मांग की गई है। लेकिन निदेशालय की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
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लाहौल-स्पीति में बिना हीटिंग सिस्टम से आंगनबाड़ी केंद्र संचालन करना संभव नहीं है। जिला के आंगनबाड़ी केंद्रों के पास हीटिंग सिस्टम के लिए लकड़ी उपलब्ध नहीं है। विभाग ने अगस्त 2018 में ही निदेशालय को लकड़ी खरीदने के लिए 19 लाख 88 हजार रुपये का प्रपोजल भेजा है। लेकिन इस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
- हुक्म चंद शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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