अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/मनाली/कोकसर। पर्यटन नगरी मनाली में सर्दी का सबसे बड़ा हिमपात हुआ है। शनिवार रात को कुल्लू व लाहौल घाटी बर्फ से लकदक हो गई है। मनाली में इस साल सबसे अधिक 20 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है।
मनाली में बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को पंख लगेंगे। जानकारी के अनुसार रोहतांग दर्रा में 90 सेंटीमीटर, सोलंगनाला और जलोड़ी दर्रा में 40-40 सेंटीमीटर बर्फबारी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। लाहौल में 15 से 20 सेंटीमीटर तक ही बर्फबारी होने की सूचना है। पहाड़ों से लेकर ग्रामीण इलाके बर्फ के आगोश में हैं। फरवरी माह में सोलंगनाला में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की विंटर खेल प्रतियोगिता के लिए राहत की खबर है। सोलंगनाला में ताजा हिमपात से साहसिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गत दो वर्षों के बाद जनवरी के महीने में मनाली में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई है। पर्यटकों के साथ किसान और बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। गत वर्ष कारोबारियों का जुलाई के बाद पर्यटन कारोबार कुछ खास नहीं रहा था। उम्मीद है कि इस बर्फबारी से कुछ और समय तक मनाली और आसपास के पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की आमद में इजाफा होगा। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि नए साल में मनाली, सोलंगनाला और हामटा में भारी बर्फबारी होने से होटल कारोबारियों के साथ इससे जुड़े सभी लोगों को फायदा पहुंचेगा और विंटर सीजन में मनाली आने वाले सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। वहीं जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति के कोकसर, सिस्सू, गोंधला, दारचा में 15 सेंटीमीटर, मुख्यालय केलांग में 10 सेंटीमीटर बर्फबारी का समाचार है। उपायुक्त कुल्लू ने कहा कि पर्यटक व आम लोग संवेदनशील इलाकों की ओर न जाएं। समाचार लिखे जाने तक रोहतांग दर्रा, सोलंगनाला, मढ़ी व जलोड़ी दर्रा समेत पीर पंजाल की पहाड़ियों में बर्फबारी तथा निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है।