अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। महिलाएं आज पुरुषों से कम नहीं हैं। हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे निकल रही हैं। कभी महिलाओं को निर्णय लेने का अधिकार भी नहीं था और उन्हें निर्णय लेने के लिए पुरुष की अनुमति लेनी पड़ती थी। लेकिन अब महिलाएं अपनी सफलता का डंका बजा रही है। महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने सराहनीय योगदान से सबित किया है कि वे आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है।
यह बात एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने मनु रंगशाला मनाली में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में कही। मनु रंगशाला में करीब 100 महिलाओं को घरेलू हिंसा और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। एसडीएम ने कहा कि महिला वर्तमान में हर क्षेत्र में अपनी सहभागिता दर्ज करवा रही है। विंटर कार्निवाल के फैशन शो, कुल्लवी नाटी व वॉयस ऑफ कार्निवाल में महिलाओं की 70 फीसदी भागीदारी हो रही है। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम है। विंटर कार्निवाल ने महिलाओं को मंच प्रदान किया है। कहा कि अमर उजाला की यह मुहिम सराहनीय है। नारी गरिमा की दिशा में चलाया गया यह अभियान महिलाओं को उनका हक दिलाने में कारगर साबित होगा। उन्होंने आम जनता से अमर उजाला की मुहिम से जुड़ने की अपील की। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की तर्ज पर अपराजिता अभियान को भी सफल बनाएं। इससे पहले महिला मंडलों ने मनु रंगशाला में प्रस्तुतियां दीं, जिसका लोगों ने लुत्फ उठाया। इस दौरान घनश्याम गौतम, डॉ. सूरत ठाकुर आदि मौजूद रहे।
मुहिम सराहनीय
छाया ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम सराहनीय है। इससे महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी।
महिलाएं होंगी सशक्त
मोनिका ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से नारी सशक्तीकरण को बल मिलेगा। इस अभियान से समाज में महिलाएं और भी सशक्त होंगी।
आगे आने का मौका
सरिता शर्मा ने कहा कि महिलाओं को आज अपने हक के लिए आगे आने की जरूरत है। अमर उजाला उन्हें अवसर दे रहा है।
ग्रामीण इलाकों में हो कार्यक्रम
प्रेमलता ने कहा कि शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में इस तरह के कार्यक्रम करने की जरूरत है। तभी महिलाओं का सही मायने में सशक्तीकरण होगा।
महिलाओं को दिया सम्मान
निशा शर्मा ने कहा कि विंटर कार्निवाल में अपराजिता का संदेश देकर अमर उजाला ने महिलाओं को सम्मान दिया है। वह इस संदेश को समाज के बीच लेकर जाएंगी।
अच्छा संदेश दिया
कविता पठानिया ने कहा कि अमर उजाला ने अपने अभियान में महिलाओं का शामिल कर एक अच्छा संदेेश दिया है। महिलाएं अब सक्षम बन रही हैं।