अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय ढालपुर स्थित बचत भवन में शनिवार को अमर उजाला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर व कार्यकर्ताओं को घरेलू हिंसा, मासिक धर्म, कैंसर समेत अन्य चीजों को लेकर जागरूक किया गया। साथ ही घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य व डॉ. देयचेन वांग्मो ने शिरकत की।
डीपीओ वीरेंद्र आर्य ने महिलाओं को घरेलू हिंसा व नारी गरिमा को लेकर जागरूक किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शंकाओं को दूर किया। वीरेंद्र आर्य ने कहा कि घरेलू हिंसा का विषय महिलाओं के महत्वपूर्ण है। जिले में पिछले साल 175 मामले आए। इसमें संरक्षण अधिकारियों के साथ बैठक कर कुछ मामलों को सुलझाया और 81 अनसुलझे मामलों को कोर्ट के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने बच्चों को किसी के पास न छोड़े। विभाग के पास आने वाले बाल यौन शोषण के मामलों में सगे संबंधी या रिश्तेदार शामिल पाए जाते हैं। बाल विकास विभाग कुल्लू के सीडीपीओ रघुवीर सिंह तथा अमित बौध ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. देयचेन वांग्मो ने कहा कि महिलाओं में बच्चेदानी का कैंसर आम हो गया है। बीमारी बढ़ने तक लोग अस्पताल नहीं आते हैं। जब अस्पताल पहुंचते हैं तब तक काफी देर हो चुकी होती है। कैंसर से बचने के लिए पोषण युक्त आहार लें। उन्होंने पोषण युक्त आहार को लेकर विस्तार से बताया।
माहवारी रोकने के लिए दवाई लेना खतरनाक : वांग्मो
जिले में माहवारी रोकने के लिए कई महिलाएं मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेकर खा रही, जो खतरनाक है। महिलाओं ने इन दवाइयों का इस्तेमाल कर नेचुरल प्रोसेस को छेड़ दिया है। सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए वर्तमान में 14-18 साल की किशोरियों के लिए एचपीवी वेक्सीनेशन का टीका भी लगाया जा रहा है। स्तन में किसी प्रकार की गांठ दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। महिलाएं स्वस्थ रहने के लिए उचित खानपान का ख्याल रखें।
कैंसर के लक्षण, बचाव को लेकर दिए टिप्स
डॉॅ. वांग्मो ने विभिन्न प्रकार के कैंसर के लक्षणों व बचाव को विस्तार से बताया। कहा कि आंगनबाड़ी सुपरवाइजर व कार्यकर्ता ही ग्रामीण स्तर पर अहम भूमिका निभाने वाले हैं। इन्हीं के माध्यम से घर-घर तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कैंसर बीमारी को लेकर भी सुपरवाइजर व कार्यकर्ताओं को जागरूक कर महिलाओं तक पहुंचाने का आग्रह किया।
महिलाओं के प्रति सोच बदलने की जरूरत: वीरेंद्र
डीपीओ वीरेंद्र आर्य ने कहा कि महिलाओं के प्रति सोच बदलने की जरूरत है। मासिक धर्म के दौरान घर से बाहर रखने पर नई पीढ़ी की लड़कियां विरोध कर रही हैं। शारीरिक, मानसिक व आर्थिक तौर पर प्रताड़ित करना घरेलू हिंसा के अंतर्गत आता है। कई बार महिलाएं घरेलू हिंसा से इतनी तंग हो जाती है कि वह खुदकुशी ही कर लेती हैं। इससे बचने के लिए अपना दुख परिजनों के साथ साझा करें। वीरेंद्र सिंह आर्य ने भी अमर उजाला की मुहिम की सराहना की। कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से महिलाओं को हर तरह की जानकारी मिलेगी। जागरूक होकर ही महिलाएं सशक्त हो सकती हैं। यह मंच निश्चित तौर पर महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित होगा।
बॉक्स
स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने का अवसर मिला
वनिता ने सवाल किया कि स्किन पर सफेद दाग क्या कैंसर की निशानी है। कहा कि संवाद कार्यक्रम में डॉक्टरों से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने का अवसर मिला है।
वर्तमान में इस तरह की मुहिम की आवश्यकता
जरड़ भुट्टी कॉलोनी की संचना ने कहा कि घरेलू हिंसा पर अमर उजाला की यह मुहिम प्रशंसनीय है। इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे। वर्तमान में इस प्रकार की मुहिम की आवश्यकता है।
अनोखी पहल से महिलाएं होंगी जागरूक
रूचिका बोध ने कहा कि इस कार्यक्रम से आंगनबाड़ी महिलाओं ने स्वास्थ्य संबंधी टिप्स, घरेलू हिंसा की महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। इस अनोखी पहल से अन्य महिलाएं भी जागरूक होंगी।
पंचायत, ग्रामीण स्तर पर हो कार्यक्रम
बिष्ट बेहड़ की पुष्पा देवी ने कहा कि अमर उजाला का संवाद कार्यक्रम महिलाओं के लिए एक मुहिम बनेगा। ऐसे ही कार्यक्रमों का आयोजन पंचायत और ग्रामीण स्तर पर होना चाहिए।
नारी गरिमा, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सराहनीय
लगघाटी की मीरा ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने घरेलू हिंसा, नारी गरिमा, स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी, जो काफी सराहनीय है।
प्रभावी ढंग से महिलाओं को किया जागरूक
पवन नगर की इंदिरा देवी ने कहा कि स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टर ने प्रभावी ढंग से महिलाओं को जागरूक किया। महिलाओं को घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जागरूक किया गया।