अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला प्रशासन और नगर परिषद कुल्लू को कूड़े कचरा की डंपिंग साइट का चयन करना चुनौती बन गया है। हालांकि इसके लिए गड़सा व लगवैली के सूमा में दो साइटों का चयन किया था। लेकिन स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के चलते प्रशासन, नगर परिषद ने इसे रद्द कर दिया। इसके बाद अब नगर परिषद ने तीन नई साइटों को चिन्हित किया है। इसमें पीज पंचायत का मियां बेहड़, सारी-कोठी पंचायत का मठ तथा नगर परिषद कुल्लू का शास्त्री नगर नाला शामिल है। नगर परिषद ने उपरोक्त जगहों के लिए संबंधित पंचायतों से बीडीओ कुल्लू के माध्यम से एनओसी देने की मांग की है।
पिरड़ी कूड़ा डंपिंग संयंत्र को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से किया जा रहा विरोध भी प्रशासन और नगर परिषद के लिए गले की फांस बन गया है। इसके लिए नगर परिषद को दो बार सुप्रीम कोर्ट को दरवाजा भी खटखटाना पड़ा है। पहली बार अक्तूबर में नगर परिषद को उच्चत्तम न्यायालय ने चार हफ्ते का समय दिया था। लेकिन समय अवधि खत्म होने के बाद स्थानीय लोगों ने फिर से यहां कुल्लू शहर के कूड़े को पिरड़ी में डंप करने के विरोध में धरना दिया। स्थिति को भांपते हुए नगर परिषद को फिर से सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाना पड़ा और कोर्ट ने नगर परिषद को राहत देते हुए आठ हफ्ते का समय दिया है। गौर रहे कि कूड़ा संयंत्र पिरड़ी में तीन सप्ताह तक वन अधिकार समिति के धरने से यहां कूड़ेे को डंप नहीं किया गया। ऐसे में भुुंतर से लेकर रामशिला तक गंदगी के ढेर लगे रहे और शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय में करीब दो सौ टन कूड़ा एकत्रित होने से प्रशासन व नगर परिषद की खूब किरकिरी हुई। ऐसे में नगर परिषद को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
कोर्ट के आदेश पर बढ़ाई प्रक्रिया : तेजा
नगर परिषद कुल्लू के कार्यकारी अधिकारी तेजा सिंह ठाकुर ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। अभी तक कूड़े को डंप करने के लिए पांच जगहों को देखा गया था। इसमें गड़सा व सूमा में देखी गई दोनों जगहों को स्थानीय लोगों के विरोध के कारण रद्द कर दिया है। अब तीन नई जगहों को लेकर एनओसी मांगी है।