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बजौरा नाका गायब, धड़ल्ले से नशे की खेप पहुंच रही कुल्लू

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू। वन व परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के गृह जिला कुल्लू व मंडी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। बजौरा नाका न होने से धड़ल्ले से हेरोइन खेप कुल्लू जिला में पहुंच रही है। कुल्लू पुलिस सीमा पर ही हेरोइन पकड़ने को लेकर ध्यान दे रही है। लेकिन इसके विपरीत सीमा पर स्थायी नाका ही नहीं है। ऐसे में धड़ल्ले से जिला में नशा तस्कर की आवाजाही हो रही है।
कुल्लू जिला में केमिकल नशे के उत्पादन की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में हेरोइन समेत सभी प्रकार के सिंथेटिक ड्रग पड़ोसी राज्यों व जिलों से ही कुल्लू पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला की सीमा में दाखिल हो रहे वाहनों की चेकिंग जरूरी है। लेकिन बजौरा सीमा पर मुख्य नाका ही पिछले कई माह से गायब है। ऐसे में संदिग्ध धड्डले से कुल्लू जिला में दाखिल हो रहे, जबकि पुलिस भी जवानों की कमी का हवाला देकर नाका नहीं लगा रही है। पर्यटन समेत वीवीआईपी चहलकदमी से अहम कुल्लू जिला में इन दिनों वाहनों का बिना किसी जांच बेरोकटोक प्रवेश हो रहा है। पुलिस भी मान रही है कि जिला के बाहर से ही यहां हेरोइन पहुंच रही है। इसे अस्थायी नाका लगाकर पकड़ा जा रहा है। लेकिन यहां 24 घंटे नाका लगाकर चरस समेत हेरोइन तस्करों पर शिकंजा कसा जा सकता है। नशा माफिया के विरुद्घ सख्त कदम उठाने का दावा करने वाली प्रदेश सरकार कुल्लू जिला में एक स्थायी नाका तक लगवाने में लाचार नजर आ रही है, जबकि कुल्लू जिला में आए दिन हेरोइन को लेकर वीडियो वायरल हो रहे। नशे के लिए बदनाम कुल्लू घाटी में अब सिंथेटिक ड्रग ने दस्तक दे दी है। लेकिन इससे युवाओं को बचाने के लिए भाषण के अलावा अभी तक नेेता वर्ग भी धरातल स्तर पर कुछ नहीं कर पाया है। उधर, एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि बजौरा में अस्थायी तौर पर नाका लगाकर हेरोइन तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है। जवानों की कमी के चलते यहां स्थायी नाका लगा पाना अभी संभव नहीं है।
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एसपी समेत 497 हैं नफरी
कुल्लू जिला में एसपी समेत 497 नफरी हैं। गार्द समेत अन्य कई प्रकार ड्यूटी में दर्जनों जवान व्यस्त हैं। फील्ड कार्य के लिए इन दिनों कुल्लू पुलिस के पास जवानों की भारी कमी आंकी जा रही है। मजबूरन पुलिस को बजौरा नाका बंद करना पड़ा है। बजौरा नाका 24 घंटे चलाने के लिए कम से कम 20 जवानों की आवश्यकता रहती है।
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अति महत्वपूर्ण है बजौरा नाका
सुरक्षा समेत सभी तरह से बजौरा नाका अति महत्वपूर्ण है। लेकिन प्रदेश सरकार समेत जिला के मंत्री भी जिले की सुरक्षा को लेकर सतर्क नहीं और लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में यदि कोई बड़ी घटना पेश आती है तो आसानी से शातिर जिला के बाहर जा सकते हैं।
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