सड़क से नहीं जुड़े नोहांडा
पंचायत के सोलह गांव
बंजार (कुल्लू)। बंजार उपमंडल के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित होने से दुर्गम गावों में रहने वाले ग्रामीणों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आजादी के 71 साल बाद भी गांव के लोग सामान को पीठ पर ढोने का मजबर है। वहीं इन गांवों के बच्चों को मीलों दूर तक पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। सबसे बड़ी मुश्किल ग्रामीणों को तब होती है जब गांव में कोई बीमार हो जाता है तो ग्रामीण मरीज को कुर्सी व पालकी में उठाकर पहाड़ी रास्तों से होकर सड़क तक पहुंचाते हैं। यह समस्या उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी के ग्राम पंचायत नोहांडा की है। पंचायत के शूंगचा, दारन, खरूगंचा, डिंगचा, लझेरी, झनियार, तिंदर, कौंऊंचा, लाकचा, घाट, नांही, बाईटी, शलिंगा, टलिंगा, ब्रेलगा तथा नडाहर आदि गांव के लोगों को सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नोहांडा पंचायत के ग्रामीण हरि सिंह,नील चंद, बुध राम, मोती राम, सीता राम, हुकम राम, वीर सिंह, ऐलू राम और लाल सिंह ने कहा कि लोगों ने सड़क की समस्या को बार विभागीय अधिकारियों से उठाया है लेकिन इन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। आजाद भारत के 71 सालों बाद भी लोगों को जन जीवन पीठ के सहारे चल रहा है। फल व सब्जियों को भी पीठ पर उठाकर मंडियां तक ले जानी पड़ती है। उपरोक्त गांव के तमाम लोगों ने लोनिवि व सरकार से सड़क निर्माण की मांग की है।
लोनिवि के सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग बंजार आरएल ठाकुर ने कहा कि नोहांडा पंचायत के तिंदर के लिए सड़क के टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नाही सड़क की डीपीआर बना कर इसे वन विभाग की मंजूरी के लिए भेजा गया है।