गुशैणी/बंजार। जिले के बंजार उपमंडल में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। श्रीकोट बीट के कनी और शिल्ली पंचायत में चलोड़ी बीट कढ़ारी के जंगल फिर धधक उठे हैं। दोपहर बाद भड़की आग से लाखों की वन संपदा को नुकसान हुआ है। आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। हालांकि, वन विभाग के कर्मचारी और ग्रामीण भी आग बुझाने में कड़ी मशक्कत कर रहे हैं लेकिन अभी तक जंगलों से आग की लपटें उठ रही हैं।
गौरतलब है कि अब तक आग के सबसे अधिक मामले बंजार उपमंडल के जंगलों में सामने आए हैं। तीर्थन घाटी में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के साथ लगते क्षेत्र में दोपहर बाद आग की चिंगारी उठी। आग की सूचना पाकर वन विभाग के कर्मचारी और ग्रामीण आग पर काबू पाने के लिए दौड़े। दुर्गम और कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाला क्षेत्र होने के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि तिंदर, डिंगचा, रोपा, झनियार गांव के लोगों ने बीमू के जंगल में लगी आग को बुझा दिया। ग्रामीणों ने लाखों की वन संपदा को जलने से बचाया है। कढ़ारी के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए परवाड़ी और गरूड़ी के लोग मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया गया है। इधर डीएफओ बंजार प्रवीण ठाकुर ने कहा कि आग की सूचना अमर उजाला के माध्यम से मिली है। आग पर काबू पाने के लिए कर्मचारियों को मौके पर जाने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आग लगाते हुए अगर कोई पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।