कुल्लू में निजी स्कूलों की बसों से स्पीड गवर्नर गायब
नौनिहालों के साथ सड़कों पर फर्राटे से दौड़ती हैं बसें
नियमों को ताक पर रखकर हो रही हैं ओवरलोडिंग
कई खटारा बसें भी बन सकती है हादसों का कारण
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला में निजी स्कूलों की बसें बिना स्पीड गवर्नर के सड़कों पर दौड़ रही हैं। नौनिहालों को बस में बिठाकर बसें सड़कों पर फर्राटे से दौड़ती हैं। बसों की हाई स्पीड छोटे बच्चों पर भारी पड़ सकती है। बसों की खिड़कियों में जालियां भी नहीं लगाई हैं। नियमों को ताक पर रखकर कुछ निजी स्कूलों के द्वारा ओवरलोडिंग भी की जा रही है। निजी स्कूलों की कुछ खटारा बसें भी हादसों का कारण बन सकती है।
जबकि प्रशासन व विभाग निजी स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा नहीं कस पाया है। कांगड़ा जिला के नूरपुर में हुए सड़क हादसे के बाद कुल्लू प्रशासन व परिवहन महकमा हरकत में आ गया है। निजी स्कूलों की बसों में सफर कर घर पहुंचने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को अपने बच्चों का डर सताने लगा है। अभिभावक रमेश कुमार, बलवंत सिंह, युगल किशोर, राजीव और जगदीश ठाकुर ने कहा कि निजी स्कूल संचालक स्कूल बसों को लेकर किसी प्रकार के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं। बसों में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। उन्होंने कहा कि कुल्लू मुख्यालय सहित कई स्कूलों के पास बेहद पुरानी बसें जो हैं। जिनसे कांगड़ा के नूरपुर जैसा हादसा होने के आसार हैं।
अभिभावकों ने मांग करते हुए कहा है कि प्रशासन व परिवहन विभाग निजी स्कूलों के द्वारा चलाई जा रही बसों को नियमानुसार चलाना सुनिश्चित करवाएं। जिससे बच्चों की जान सुरक्षित रह सके। इधर, आरटीओ कुल्लू डॉ सुरेश जसवाल ने कहा कि स्कूल बस संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि ओवरलोडिंग बिल्कुल न करें। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर विभाग के द्वारा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हरकत में आया परिवहन विभाग
नुरपूर के हादसे के बाद कुल्लू में आरटीओ हरकत में आ गए हैं। आरटीओ ने जिला कुल्लू के प्रवेश द्वार भुंतर में एक निजी स्कूल की बसों को चेकिंग के लिए रोका। स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश देने के बाद ही बसों को छोड़ा गया। जबकि स्कूल बसों में चेकिंग का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा।