गुठलीदार फलों की बंपर फ्लावरिंग
मौसम अनुकूल रहा तो गुठलीदार फलों की होगी बेहतर सेटिंग
जिला में साढे़ ग्यारह हजार हेक्टेयर भूमि में प्लम के पौधे
उमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। गुठलीदार फलों की इन दिनों फ्लावरिंग यौवन पर है। पौधों पर फूल आने से घाटी का नजारा मनमोहक हो गया। प्लम समेत अन्य प्रजाति के फलों के बगीचे रंगबिरंगे फूलों से गुलजार हो गए हैं। पौधों पर अच्छी फ्लावरिंग से बागवान खुश हैं। जिला में तमाम किस्म का प्लम ग्यारह हजार हेक्टेयर भूमि में पैदा हो रहा है। हालांकि इस साल मौसम की बेरूखी के चलते बागवानों को आगामी फसल के प्रति संशय बना हुआ है।
बागवानों का कहना है कि बर्फबारी और बारिश समय पर न होने के कारण पौधों पर लगे फूलों के लिए पर्याप्त पोषक तत्वों का अभाव सेटिंग पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। बगीचों में फूल बेहतर होने से आगामी फसल अच्छी होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम फ्लावरिंग के समय अनुकूल रहता है तो फलों की सेटिंग उम्दा हो सकती है। घाटी में प्लम, खुमानी, आडू, बादाम, मैरीपोजा, रैडब्यूट गुठलीदार फलों के पौधों पर अच्छे फूल खिले हैं। घाटी के बागवान अमित, चमन, मोहर सिंह, अमन, सतीश, सुशील भंडारी, चंदेराम, अशोक ठाकुर, युवराज, कमल, देव राज, अखिल, नवीन आदि का कहना है कि इन दिनों गुठलीदार फलों की अच्छी फ्लावरिंग हो रही है। तापमान में स्थिरता होनी जरूरी है। फूलों पर बारिश नहीं होनी चाहिए। ऐसे में सेटिंग उम्दा हो सकती है।
वहीं इस संबंध में फलोत्पादक मंडल कुल्लू के अध्यक्ष राजगीर महंत के अनुसार पौधों पर बेहतर फूल खिले हैं। यदि मौसम के तेवर ठीक रहते हैं तो फसल की सेटिंग अच्छी होगी। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. आरके शर्मा कहते हैं कि गुठलीदार फलों के पौधों पर अच्छे फूल खिले हैं। मौसम का मिजाज ठीक रहा तो निश्चित तौर पर इस बार इन फलों की सेटिंग बेहतर होने की संभावना है।