पहाड़ में तापमान माइनस, झरने और झीलें हुईं जाम
रिहायशी की ओर किया पलायन, सुरक्षा को पेट्रोलिंग शुरू
प्यास बुझाने को वन्य जीवों की बढ़ीं मुश्किलें
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। शीत मरुस्थल जिला लाहौल-स्पीति की पहाड़ियों पर रात्रि तापमान शून्य से 12 डिग्री नीचे तक लुढ़क गया है। ऐसे में यहां पहाड़ों पर 10 हजार फीट की ऊंचाई पर विचरने वाले वन्य प्राणियों को प्यास बुझाने के लिए रिहायशी इलाकों की ओर आना पड़ रहा है। पहाड़ों पर कलकल करते झरने और झीलें ठोस बर्फ में तब्दील हो गए हैं।
खासकर आईबैक्स (टंगरोल) प्रजाति का वन्य जीव झुंडों में प्यास बुझाने के लिए नदी की ओर रूख करने लगे हैं। ऐसे में वन विभाग लाहौल ने भी इस प्राणियों की सुरक्षा को लेकर पैनी नजर रखते हुए पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। जिससे कोई भी शिकारी इन प्राणियों का शिकार न कर सके। सुरक्षा को लेकर रेंज अधिकारियों के साथ 29 वन रक्षकों ने इन प्राणियों की सुरक्षा को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। लाहौल की पहाड़ियों पर माइनस तापमान के बीच झरने व झीलें ठोस बर्फ में जम जाने से वन्य प्राणी प्यास बुझाने के लिए नीचे की ओर पहाड़ों से उतरने लगे हैं। ऐसे में वन विभाग के अधिकारी व वन रक्षक पहाड़ों से नीचे उतर रहे प्राणियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गए हैं।
वन विभाग मंडल अधिकारी लाहौल ने इसके बारे में लोगों से भी अपील की है कि यह वन्य प्राणी प्यास बुझाने के लिए निचले इलाकों की ओर उतरते हैं। ऐसे में वह इन प्राणियों के किसी तरह की छेड़छाड़ न करें। तांदी के छुरपक स्थित पेट्रोल पंप से लेकर दारचा तक जगह-जगह आईबैक्स सुबह के समय प्यास बुझाने के लिए नदी की ओर आ रहे हैं। लाहौल वन मंडल अधिकारी जय राम ने बताया कि इन प्राणियों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के अधिकारियों व वन रक्षकों को पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।