मनाली (कुल्लू)। विश्व मानचित्र पर पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना चुके मनाली को होटल मैनेजमेंट शिक्षण संस्थान नसीब नहीं हो पाया है। सात दशकों में कांग्रेस और भाजपा की सरकारें आईं और लोगों को होटल मैनेजमेंट शिक्षण संस्थान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही दिए। जनता के मुद्दे को दरकिनार करने को लेकर घाटीवासियों में रोष है।
वर्ष 2006 में कटराईं में होटल मैनेजमेंट संस्थान स्वीकृत किया गया था, लेकिन 2007 में भाजपा सरकार की आने पर होटल मैनेजमेंट संस्थान को बदलकर हमीरपुर शिफ्ट किया। 2011 में फिर से तत्कालीन विधायक द्वारा मनाली में होटल मैनेजमेंट संस्थान को मनाली में स्थापित करने के प्रयास किए गए, लेकिन अब यह मामला अटक गया है। पर्यटन स्थल होने के कारण मनाली में 500 के लगभग छोटे बड़े होटल हैं। यहां पर मुख्य आय का स्रोत पर्यटन व बागवानी है। इसलिए संस्थान का मनाली में खुलना आवश्यक है।
मनाली होटलियर एसोसिएशन के उपप्रधान ओम प्रकाश ठाकुर के अनुसार मनाली एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है। हर वर्ष लाखों देशी विदेशी सैलानी मनाली आते हैं। मनालीवासियों की लंबे समय से मांग है कि मनाली में होटल मैनेजमेंट का संस्थान जल्द खोला जाए। वहीं पर्यटन व्यवसायी जितेंद्र ठाकुर, धर्मपाल रूडिंग्वा, चंदन शर्मा, मेहर चंद ठाकुर, हेमराज मेहरा, शलेेंद्र शर्मा, मनोज सूद और नानक चंद ठाकुर ने कहा कि मनाली में होटल मैनेजमेंट संस्थान को भाजपा और कांग्रेस की सरकारें खोल नहीं पाई हैं। वर्ष 2006 में संस्थान स्वीकृत हो गया था, लेकिन एक वर्ष के बाद इसे हमीरपुर स्थानांतरित कर दिया गया। जिसका असर कुल्लू के पर्यटन पर भी पड़ा है।
भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह ठाकुर के अनुसार जब पहली बार कुल्लू विधानसभा के विधायक रहे थे। उस समय भाजपा की सरकार थी। तब प्रिंसिपल स्वीकृति दिलवाई दी थी। 2012 में सरकार बदलने के कारण मनाली में यह फाइल पूरी तरह से दब गई है।
मनाली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार हरिचंद शर्मा के अनुसार 2006 में कांग्रेस सरकार की ओर से मनाली को स्वीकृत होटल मैनेजमेंट संस्थान दिया गया था। 2008 में कक्षाएं कटराईं में बैठनी थी लेकिन 2007 में सरकार बदलने के कारण भाजपा उसे हमीरपुर ले गई। पिछले पांच सालों में विधायक ने इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए।