कुल्लू। ऊझी घाटी के एक प्राइमरी स्कूल में बच्ची की निर्मम पिटाई के आरोप में आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बच्ची को डंडे और मुक्कों से मारने के आरोप पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू दी है। वहीं, प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। अमर उजाला ने मंगलवार को यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिस पर प्रशासन हरकत में आ गया है। पिटाई के बाद डरी सहमी तीसरी कक्षा की मासूम का मेडिकल भी करवा दिया गया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक कुल्लू ने अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए प्राइमरी स्कूल के उक्त शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच भी बिठा दी है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू पदम चंद ने बच्ची के साथ की गई मारपीट मामले में मनाली थाना में एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है। हालांकि, मामला 29 जून का है, लेकिन पुलिस ने पांच दिन बाद अमर उजाला की ओर से मामले में पड़ताल करने के बाद पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से सोमवार देर शाम को मनाली थाना में केस दर्ज किया गया। हालांकि पूर्व में मामला दर्ज नहीं किया गया था। हादसे के बाद डरी सहमी आठ साल की बच्ची की मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में काउंसलिंग करवाई गई। एसपी कुल्लू पदम चंद ने कहा कि आरोपी शिक्षक को पूछताछ के लिए थाना तलब किया जाएगा।
सामने आई मनाली पुलिस की कोताही
कुल्लू। ऊझी घाटी के एक प्राइमरी स्कूल में आठ साल की बच्ची की निर्मम पिटाई मामले में मनाली पुलिस की कोताही सामने आई है। बच्ची के परिजनों के अनुसार घटना के बाद मामला दर्ज करवाने पहुंचे पीड़ित बच्ची के अभिभावकों को पुलिस ने थाने में सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक बिठाए कर रखा। बावजूद इसके मामला दर्ज नहीं किया गया। अभिभावकों ने कहा कि न्याय की गुहार लेकर पहुंचे उनकी बात सुनने के बजाए पुलिस ने उन्हें उल्टा डराया धमकाया। अभिभावकों ने लापरवाह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इधर, पुलिस अधीक्षक कुल्लू पदम चंद ने कहा कि मामला गंभीर है। पूरे प्रकरण का पता लगाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी।