मनाली (कुल्लू)। कोरोना की रफ्तार थम जाने के बाद मनाली में रिकॉर्ड सैलानी आ रहे हैं। वीकेंड पर मनाली व आसपास के पर्यटन स्थलों में देशभर से आए हुए पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। इसके बावजूद मनाली के 40 फीसदी होटल खाली हैं। मनाली व आसपास के क्षेत्रों में अपंजीकृत होटलों से मनाली के होटलियरों को लाखों रुपयों का नुकसान हो रहा है। प्रदेश सरकार को भी बाहरी राज्यों से सैलानी आने के बावजूद टैक्स नहीं मिल रहा है।
कोरोना के चलते पिछले डेढ़ साल से पर्यटन कारोबारी घाटे में चल रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर का असर जैसे ही कम हुआ तो मनाली में पर्यटकों के आने सिलसिला शुरू हुआ। होटल कारोबारियों को उम्मीद थी कि अब उनके नुकसान की भरपाई हो जाएगी। लेकिन गैर पंजीकृत होटलों के कारण होटल कारोबारियों को पर्यटक होने के बावजूद नुकसान उठाना पड़ रहा है। मनाली के आसपास के क्षेत्रों में लगातार होटल बन रहे हैं। कई लोगों ने होम स्टे भी खोल दिए हैं। मनाली, अटल टनल रोहतांग, रोहतांग दर्रा आदि में दिनभर घूमने के बाद पर्यटक शाम को शहर से दूर इन होटलों में जाना पसंद कर रहे हैं। उधर, इस संबंध में होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि इन दिनों काफी संख्या में सैलानी मनाली का रुख कर रहे हैं, जिससे पर्यटन कारोबार काफी हद तक पटरी पर लौट आया है। लेकिन बहुत सैलानी बिना पंजीकृत होटल में आकर ठहर रहे हैं, जिससे होटल कारोबारियों को घाटा हो रहा है। इसके साथ ही टैक्स को लेकर सरकार को चपत लग रही है।