अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में करीब पांच साल बाद हुई बर्फबारी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिला में अभी तक कई सड़कें, बिजली के ट्रांसफार्मर और पेयजल की स्कीमें जाम चल रही हैं। फरवरी महीने में हुई रिकॉर्ड बर्फबारी और बारिश से जिला में दो हफ्ते के भीतर करीब दस करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रशासन ने सभी विभागों से रिपोर्ट लेकर सरकार को भेज दी है। सबसे अधिक क्षति का सामना लोनिवि, बिजली और आईपीएच को करना पड़ रहा है। बर्फबारी और बारिश से सबसे अधिक नुकसान लोनिवि को हुआ है। लोनिवि को चार करोड़ 46 लाख का नुकसान हुआ है। जबकि आईपीएच विभाग को तीन करोड़ चार लाख तथा बिजली बोर्ड को एक करोड़ 39 लाख रुपये की क्षति हुई है। हिमपात से मनाली में भूस्खलन से दो घरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसका आकलन करीब सात लाख रुपये तक किया गया है। बंजार में भूस्खलन से तीन दुकानों को भी आंशिक नुकसान हुआ है। जिला राजस्व अधिकारी राजेश भंडारी ने कहा कि लोनिवि कुल्लू और बंजार को 4.19 करोड़ तथा बाह्य सराज आनी-निरमंड को 27 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि एनएच अथॉरिटी को भी करीब एक करोड़ का झटका लगा है। उल्लेखनीय है कि रिकॉर्ड बर्फबारी से फरवरी माह में करीब 120 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया था। बिजली बोर्ड के 894 ट्रांसफार्मर और आईपीएच की 50 से अधिक स्कीमों को नुकसान हुआ था। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि सर्दी में हो रहे नुकसान का रोजाना आकलन किया जा रहा है। लगभग दस करोड़ रुपये की रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज दी है। बर्फबारी से जिन इलाकों में बिजली, सड़क और पानी की समस्या है, उन्हें भी जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।