फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैकई ने दशरथ से मांगा राम को वनवास,भरत को राजगद्दी

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वार। बुधवार को श्री सनातन धर्म राम लीला कमेटी के तत्वाधान में साप्ताहिक बाजार स्थित राम लीला मंचन का शुभारंभ मंथरा कैकेयी संवाद के साथ शुरू हुआ।
विज्ञापन

बुधवार की रात्रि रामलीला के मंचन का शुभारंभ मंथरा कैकेयी संवाद के साथ शुरू हुआ। जिसमें मंथरा रानी कैकई को राम को बनवास और भरत को राजगद्दी के लिए कान भर रही है। मंथरा द्वारा रानी को बार- बार भरत को राज गद्दी के लिये तैयार करने के दृश्य को लोगों द्वारा खूब सराहा गया।
बाद में रानी कैकेयी कोप भवन में चली जाती है जहां राजा दशरथ रानी से नाराजगी की बाबत पूछते है। तब रानी राजा द्वारा दिये गए दो वचनों को याद दिलाती है। तब राजा दो वचन मांगने को कहते है तब रानी कैकेयी राम को बनवास और भरत को राज गद्दी मांगती है। जिस पर राजा दशरथ की हालत बिगड़ जाती है। बाद में राम सीता लक्ष्मण बनवास के लिए वन चले जाते हैं। वन जाने का दृश्य राम लीला मंचन देख रहे लोग कलाकारों का अभिनय देख कर मंत्र मुग्ध हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें