फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओलावृष्टि से प्रभावित बगीचों में करें बागवान दवा का स्प्रे

विज्ञापन
विज्ञापन
ओलावृष्टि से प्रभावित बगीचों
विज्ञापन

में दवा का स्प्रे करें बागवान
बागवानी विशेषज्ञों ने दी घाटी के बागवानों को सलाह
उमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। मौसम के बिगड़े तेवर से तमाम फसलों को काफी नुकसान हुआ। मंगलवार को जिला के कई क्षेत्रों में तेज अंधड़ और ओलावृष्टि से सेब सहित अन्य फलों को क्षति पहुंची है। ऐसे बागवानों को काफी नुकसान हुआ है। पहले ही सेब और नाशपाती की फसल कम है और अब ओलावृष्टि ने शेष कसर पूरी कर दी है। अब बागवानों को आर्थिक तौर पर खासा नुकसान झेलना पड़ेगा।
बागवानी विभाग के विशेषज्ञों ने ओलावृष्टि से प्रभावित सेब के बगीचों में दवा के छिड़काव करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है जिन फलों पर जख्म हुआ है। इसकी पूर्ति के लिए बागवानों को अपने बगीचों में शीघ्र स्प्रे करना चाहिए। इससे फलों पर जख्म जल्दी ठीक हो जाएगा। वहीं इस संबंध में घाटी के बागवान अमित कुमार, ज्ञान ठाकुर, चमन, मोहर सिंह, जय चंद, गौतम ठाकुर, महेश शर्मा, शोभा राम, श्याम कुमार और देवी सिंह आदि ने कहा कि पहले ही इस साल सेब की पैदावार कम है। अब ओलावृष्टि के कहर से सेब की फसल को नुकसान हुआ है। क्षतिग्रस्त फसलों की चिंता बागवानों को सता रही है। इन फलों पर जख्म होने से फल की गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बागवानी विभाग के विकास अधिकारी उत्तम पराशर के अनुसार जिन बगीचों में ओलावृष्टि से फलों को जख्म हुआ है। इन बगीचों में समय रहते शीघ्र दवा का छिड़काव करना चाहिए। ओलावृष्टि से प्रभावित बगीचों में मैककोजेब 600 ग्राम तथा 100 ग्राम कारबैंडाजिम को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। एक सप्ताह के बाद एक किलोग्राम यूरिया 200 लाटर पानी में मिला कर छिड़काव करें। कुछ दिन के बाद सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे एग्रोमिन, मल्टीपलैक्स या माइक्रोविट का 400 से 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें