कुल्लू। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित समिति ने मनाली के 91 होटलों की जांच पूरी कर ली है। अब समिति के प्रमुख एसडीएम मनाली उपायुक्त को अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके बाद इसे एनजीटी में पेश किया जाएगा।
दरअसल दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह से चल रहे कई होटलों में खामियां सामने आई हैं। संबंधित विभागों ने इसमें क्या कार्रवाई की है, इसे भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है। एनजीटी के आदेशों के अंतर्गत समिति ने कुल्लू और मनाली के 25 कमरों से अधिक संख्या वाले 91 होटलों को जांच के दायरे में लाया है। इन होटलों की जांच पर्यटन विभाग, आईपीएच, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टीसीपी, राजस्व विभाग और वन विभाग ने की है। जांच में पर्यटन विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अधिक खामियां सामने आई हैं।
पर्यटन विभाग ने 50 से अधिक होटलों को नोटिस जारी किए जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी 75 से अधिक होटलों की बिजली के कनेक्शन काटे थे। समिति के निरीक्षण से होटलियरों में हड़कंप मच गया है। एसडीएम मनाली रमन घरसिंगी ने कहा कि संबंधित विभाग ने अपनी-अपनी रिपोर्ट को उन्हें सौंप दिया है। अब जांच रिपोर्ट को उपायुक्त कुल्लू को प्रेषित किया जाएगा और उनके द्वारा ही इसे एनजीटी में पेश किया जाएगा।
एनजीटी ने बनाई है कमेटी
एनजीटी ने कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों, हो स्टे, लॉज व रेस्तरां की जांच करने को कहा गया है। इन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। ऐसे में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यनल ने इनके निरीक्षण के लिए एक समिति का गठन किया है। जो पर्यटन विभाग का पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नक्शों की अनुमति, होटलों का निर्माण किस भूमि पर किया गया आदि दस्तावेजों की जांच करेगी।