जातीय भेदभाव मामले में दोषी
अध्यापक किए जाएं बर्खास्त
जल, जंगल, जमीन व शिक्षा सुरक्षा समिति ने पीएम को भेजी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। चेष्टा स्कूल में अनुसूचित जाति के छात्रों से हो रहे भेदभाव को लेकर जल, जंगल, जमीन और शिक्षा सुरक्षा समिति ने कड़ा संज्ञान लिया है। समिति ने मामले की शिकायत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायत पत्र भेजा है। समिति ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जल, जंगल, जमीन और शिक्षा सुरक्षा समिति कुल्लू अध्यक्ष प्रेम लाल ने कहा कि स्कूलों में अनुसूचित जातियों के बच्चों के साथ जाति के नाम पर भेदभाव किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी स्कूल चेष्टा में मोदी लाइव में अनुसूचित जाति के छात्रों से दुर्व्यवहार किया गया। छात्रों को अंदर तो क्या उन्हें बरामदे में भी बैठने भी नहीं दिया। उन्हें डरा धमका कर मवेशी बांधे जाने वाली जगह में बैठा दिया गया। इस घटना निंदनीय है। आए दिन मिड डे मील में भी अनुसूचित जाति के छात्रों से भेदभाव किया जा रहा है उन्हें अन्य छात्रों से दूर ही रखा जा रहा है। ऐसा ही भेदभाव होता रहा तो सरकार कैसे एक समान शिक्षा दे पाएगी। इस भेदभाव को समाप्त करने का जिम्मा अध्यापकों पर है लेकिन कुछ अध्यापक इसे बढ़ावा दे रहे हैं। समिति मांग करती है कि इस मामले में दोषी अध्यापकों को तुरंत बर्खास्त किया जाए।