शाक्टी प्राइमरी स्कूल में स्टाफ की कमी
छह माह से स्कूल में शिक्षक का पद खाली
अभिभावकों में शिक्षा विभाग के प्रति रोष
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के शैंशर वृत्त के अंतर्गत आने वाला प्राइमरी स्कूल शाक्टी महज एक अध्यापक के सहारे चल रहा है। स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक अध्यापक पढ़ाने को मजबूर हैं। स्कूल में अध्यापकों का टोटा होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
स्कूल प्रबंधन समिति व अभिभावकों के बार-बार आग्रह करने के बावजूद यहां पर शिक्षक की नियुक्ति नहीं की जा रही है। स्कूल में छह माह से शिक्षक का पद खाली है। जिसको लेकर अभिभावकों में रोष है। शाक्टी प्राइमरी स्कूल मेें दुर्गम गांव शाक्टी, मरोड़ और शुगाड़ के 22 बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान तीर्थ राम ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहां के बच्चों को दूसरे स्कूल में भेजना संभव नहीं है। जबकि स्कूल में महज एक अध्यापक ही सेवाएं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि एक अध्यापक के पास मिड डे मील से लेकर अन्य कागजी काम निपटाने का ही काम होता है। ऐसे में एक अध्यापक को पांच कक्षाओं को पढ़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब साल खत्म भी होने को भी है, लेकिन स्कूल में शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। समस्या को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि स्कूल में अध्यापक के रिक्त पद को जल्द भरा जाए। इधर, खंड शिक्षा अधिकारी नोरमा देवी ने कहा कि स्कूल की रिपोर्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। जल्द रिक्त पद को भरा जाएगा।