332 देवी-देवताओं को भेजा गया था निमंत्रण
पंजीकरण न होने से देवलुओं को हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। देवी-देवताओं के महाकुंभ कुल्लू दशहरा में जिला भर से 262 देवी-देवता पहुंचे हैं। कुल्लू, मनाली, बंजार और आनी उपमंडल से दशहरा में देवता अपने-अपने देवलुओं के साथ शामिल हुए हैं।
हालांकि अभी तक कई देवताओं का पंजीकरण नहीं हुआ है। ऐसे में आंकड़ा बढ़ सकता है। गौर रहे अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव समिति की ओर से दशहरा के लिए 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया था। अधिकतर देवी-देवता दशहरा में पहुंचकर अपने अस्थायी शिविरों में विराजमान हो गए हैं।
बीते वीरवार को तहसीलदार कुल्लू को अस्थायी शिविर अशुद्ध करने के आरोप में देवलुओं ने खींच कर शिविर तक पहुंचाया और फिर माफी मंगवाई। शनिवार को तहसील में कार्य करने वाले पटवारियों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा और उचित कार्रवाई की मांग की। दोपहर 12:00 बजे तक कई देवताओं का पंजीकरण नहीं हो पाया। देवलू अपने देवताओं के पंजीकरण के लिए आए थे। पंजीकरण में देरी होने से देवलुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गौर रहे कि कुल्लू के दशहरा में आने वाले मुआफीदार और गैर मुआफीदार देवताओं को प्रशासन सुविधाएं प्रदान करता है। इस संंबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष एवं माता दशमी वारदा के कारदार दोत राम ठाकुर ने कहा कि दशहरा में 262 देवी-देवताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।
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