कुल्लू। आपदा के बाद अब जिले में हालात सामान्य होने लगे हैं। जिले में अवरुद्ध मार्गों को बहाल किया जा रहा है। आपदा में जिले की करीब 300 से अधिक सड़कें बंद हो गई थीं। मनाली से कुल्लू के बीच कई जगह हाईवे का नामोनिशान मिट गया था। भुंतर-मणिकर्ण सड़क भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
सैंज से न्यूली सड़क भी क्षतिग्रस्त थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने अपनी मशीनरी मैदान में उतारने के बाद मार्गों को बहाल करने में पूरी ताकत लगा दी। विभाग को करीब 25 किलोमीटर नई सड़कें बनानी पड़ीं। भुंतर-मणिकर्ण सड़क में लोक निर्माण विभाग ने सूमा रोपा में करीब आधा किलोमीटर नई सड़क बनानी पड़ी।
पुरानी सड़क पार्वती नदी की बाढ़ में बह गई थी। इसके साथ ही सैंज-न्यूली सड़क में कुछ जगहों पर नई सड़क निकालनी पड़ी। इसके साथ कुल्लू-मनाली वामतट सड़क में छरूडू के पास नई सड़क निकाली गई।
अब लोक निर्माण विभाग ने लगभग 90 फीसदी सड़कों को सुचारु कर दिया है। निर्माण सामग्री न मिलने से छोटे वाहनों के लिए बहाल सड़कें बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु करने में परेशानी आ रही है। पतलीकूहल से लेकर मनाली तक फोरलेन सड़क को दो माह बाद भी एनएचएआई दुरुस्त नहीं कर पाया है।
रात के समय पतलीकूहल से मनाली के बीच वाहनों की आवाजाही बंद होती है लेकिन जिस धीमी गति से एनएचएआई की ओर से काम किया जा रहा है, उससे पर्यटन नगरी मनाली में पर्यटकों के पहुंचने में समय लगेगा।
आपदा के बाद विभाग ने बंद पड़ी सड़कों को दिन-रात एक कर बहाल किया। इससे बागवानों को अपना सेब मंडियों तक लाने में आसानी हुई है। विभाग ने आपदा के बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु करने के लिए 25 किमी नई सड़कें बनाईं।
-जितेंद्र कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग