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पुल से निकली सिल्ट से मर गई2 0 हजार मछलियां

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अमर उजाला ब्यूरो
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मनाली (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग पर हरिपुर के पखनोज नाले में लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाए जा रहे डबल लेन पुल से निकल रही सिल्ट से करीब 20 हजार मछलियों की मौत हो गई है। पुल के कार्य के दौरान मशीनों से की जा रही खुदाई से निकलने वाली मिट्टी नाले के पानी के साथ बह रही है। इससे 1992 में स्थापित हिमालयन ट्राउट फिश फार्म की मछलियों के साथ करीब ढाई लाख अंडे भी नष्ट हो गए हैं।
हिमालयन ट्राउट फिश फार्म के मालिक खुशहाल गुप्ता ने बताया कि नाले में चल रहे पुल के कार्य के दौरान अनियमितताएं बरतीं जा रही हैं। मशीनरियों से पुल के लिए की जा रही खुदाई के दौरान निकलने वाली सिल्ट को नाले के पानी में डाला जा रहा है। इससे फिश फार्म में मटमैला पानी आ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें करीब 30 लाख का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि कार्य शुरू होने से पहले 10 मई 2018 को उपायुक्त कुल्लू और एससी कुल्लू को लिखित तौर पर शिकायत की थी, जिस पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। नतीजा उनके 20 हजार मछलियां और ढाई लाख ट्राउट के अंडे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गुप्ता ने बताया कि पखनोज नाले में कभी सिल्ट नहीं आती है तथा यह फिश फार्म 1992 से चल रहा है। मछली पालन विभाग पतलीकूहल के उपनिदेशक महेश ने बताया कि सिल्ट के कारण मछली के बच्चे मर रहे हैं। मछली के बच्चे बहुत ही नाजुक होते हैं। कहा कि ट्राउट मछली स्वच्छ और साफ पानी में पाई जाती है। लेकिन पानी में सिल्ट आने पर ट्राउट मछलियां मर रही हैं उधर, लोनिवि के एसडीओ पीके राणा ने कहा कि जिस जगह पर पुल का निर्माण किया जा रहा है, वहां किसी तरह की सिल्ट को नहीं फेंका जा रहा है। कहा कि पिछले तीन महीने से घाटी में हो रही भारी बारिश के कारण मटमैला पानी नाले में बह रहा है।
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बाहरी राज्यों को भेजी जाती हैं मछलियां
हिमालयन ट्राउट फिश फार्म से मनाली के होटलों, रेस्तरां के साथ हिमाचल, दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में मछलियां भेजी जाती हैं। कुल्लू, मनाली में जब भी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी आते थे तो ट्राउट का स्वाद लेते थे।
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