उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। हिमाचल पथ परिवहन निगम केलांग डिपो के 14 कर्मचारी लाहौल घाटी में हेलीकॉप्टर सीट को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ये कर्मचारी चार जनवरी तक कड़ाके की सर्दी के बीच घाटी में सेवाएं दे रहे थे। इसके बाद उनको सेवाएं देने के लिए बाहर जाना था।
बर्फबारी के चलते अब यहां बसों के पहिये जाम होने से इन कर्मचारियों को जिला से बाहर विभिन्न रूटों पर चलने वाली केलांग डिपो की ही बसों में सेवाएं देनी हैं। लेकिन इन कर्मचारियों का हेलीकॅाप्टर सीट का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है। घाटी में फंसे ये कर्मचारी बाहर निकलने के लिए दो हफ्ते से परेशान हैं। लाहौल पंचायत प्रधान संघ ने भी इन कर्मचारियों को घाटी से बाहर निकालने की पैरवी की है, जिससे वे अपनी ड्यूटी पर पहुंच सके। एचआरटीसी केलांग डिपो के तीन इंस्पेक्टर, चालक, परिचालक सहित 14 कर्मचारी चार जनवरी से घाटी में फंसे हुए हैं। लाहौल पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष एवं वारपा पंचायत के प्रधान सत प्रकाश ने कहा है कि यहां फंसे इन कर्मचारियों ने चार जनवरी तक लाहौल के लोगों को सुविधा दी। अब इन कर्मचारियों को हेलीकॉप्टर में सीट को लेकर माथापच्ची करनी पड़ रही है। सत प्रकाश ने कहा है कि प्रशासन को इन कर्मचारियों के लिए हेलीकाप्टर में प्राथमिकता के आधार पर सीट देनी चाहिए। घाटी में बर्फबारी के कारण इन कर्मियों को अब यहां ठंड से जूझना पड़ रहा है। लाहौल-स्पीति जिला परिषद के चेयरमैन रमेश रूअलवा ने प्रशासन से मांग की है कि जैसे ही घाटी के लिए हेलीकॉप्टर की उड़ाने होती है तो यहां फंसे निगम के इन कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर कुल्लू के लिए लिफ्ट किया जाए। उपायुक्त का कार्यभार देख रहे एसडीएम केलांग अमर नेगी ने उन्हें भरोसा दिया है कि उक्त कर्मियों को जल्द हेलीकॉप्टर से कुल्लू भेजा जाएगा। केलांग डिपो के अड्डा प्रभारी सोहन लाल यंबा ने 14 कर्मचारी लाहौल में फंसे होने की पुष्टि की है।