हैंडपंप से पानी भरने पर हो रहा भेदभाव
बारीतुनी के ही ग्रामीणों ने उपायुक्त से की शिकायत
आईपीएच के कर्मचारी पर भी लोगों ने लगाए आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी में पेयजल संकट गहरा गया है। बारीतुनी गांव में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की सप्लाई ठप पड़ी है। लोगों को आरोप है कि उन्हें हैंडपंप से पानी भरने नहीं दिया जा रहा है और उन्हें जातिसूचक शब्द कहे जाते हैं। बारीतुनी के शिव महिला मंडल और ग्राम सुधार सभा के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मिलकर बारीतुनी गांव में चल रहे हैंडपंप का पानी सिर्फ बारीतुनी गांव को देने का आग्रह किया है।
ग्रामीणों के अनुसार हैंडपंप पर जब बारीतुनी गांव के लोग पानी भरने जाते हैं तो उनके साथ एक समुदाय के लोगों द्वारा भेदभाव किया जाता है। उन्हें जातिसूचक शब्द भी कहे जाते हैं। जिससे उन्हें शर्मसार होना पड़ता है। दो दिन पूर्व तलोगी पंचायत के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से इसी हैंडपंप में लगी मोटर को हटाने की मांग की थी। शिव महिला मंडल बारीतुनी की प्रधान अनु देवी, ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष कुशभ लाल ने कहा कि गांव के बिछाई गई आईपीएच विभाग की लाइनों में पानी नहीं आता है। ऐसे में लोगों का एकमात्र सहारा हैंडपंप है। 12 साल बंद रहने के बाद महिला मंडल व ग्राम सुधार सभा के आग्रह पर हैंडपंप में मोटर लगाई गई लेकिन अब इस हैंडपंप को लेकर दूसरे गांव वाले आपत्ति जता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब वे पानी की शिकायत को लेकर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से बात करते हैं तो वे बदतमीजी से पेश आते हैं। ऐसे कर्मचारियों पर उचित कार्रवाई की जाए। वहीं बारीतुनी में लगे हैंडपंप का पानी इसी गांव के ही लोगों को दिया जाए। उपायुक्त युनूस ने भी लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि मामले में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दौरान सेऊगी पंचायत की पूर्व प्रधान प्रभा शर्मा, ओम प्रकाश, वेद राम, राजेश कुमार, इंद्रजीत, डुगली देवी, नर्वदा, ठाकुरी देवी, मीरा, अनुपमा, कृष्णा, भावना, भावना शर्मा, महिला मंडल सचिव ज्ञानी, गीता देवी और बंती देवी आदि मौजूद रहे।