लहसुन और प्याज की अच्छी फसल
के लिए किसान खेतों में डालें नत्रजन
कृषि विशेषज्ञों ने दी घाटी के किसानों को सलाह
बारिश के बाद किसानों ने किया खेतों का रूख
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। हाल ही में हुई बारिश और बर्फ बारी से खेतों को पर्याप्त नमी मिली है। इन दिनों किसानों को खेतों में प्याज और लहसुन के पौधों को विकसित करने के लिए नत्रजन और निराई का कार्य समय रहते करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में पर्याप्त नमी के चलते खाद मिट्टी में पूरी तरह से घुल जाएगी। इससे फसल की बढ़ोतरी बेहतर तरीके से होगी। लिहाजा किसानों को वक्त पर खाद डालने का काम पूरा करना चाहिए।
गौरतलब है कि कुल्लू जिला में निचले क्षेत्रों में प्याज बीज का उत्पादन कुछ सालों से किसान कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिला कुल्लू में इसकी खेती करीब 400 बीघा भूमि पर वर्तमान में हो रही है लेकिन इस साल सूखे के चलते इस पर भी मार पड़ी है। प्याज उत्पादकों का कहना है कि फरवरी, मार्च और अप्रैल माह में भी मौसम अनुकूल रहना प्याज की फसल के लिए जरूरी है। प्याज के बीज की खरीद जैन कंपनी किसानों से घर द्वार से ही करती है।
बताया जा रहा है कि मौसम अनुकूल न रहने और उत्पादन में गिरावट के कारण कुछ किसानों ने इसकी खेती करना छोड़ दिया है। जिला में लहसुन की खेती 1200 हेक्टेयर भूमि पर हो रही है। घाटी के किसान अमित, चमन, अनूप, रोशन, गिरधारी, संजीव, जोग राज और मोहर सिंह आदि के अनुसार खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है। इसका फायदा उठाने के लिए लहसुन और प्याज के लिए खाद डालने का काम किसान जारों से कर रहे हैं। कृषि प्रसार अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि लहसुन और प्याज की फसल के लिए निराई के साथ नत्रजन की खाद डालने का कार्य किसानों को समय रहते करना चाहिए। इससे पौधों में वांछित वृद्धि होगी।