उदयपुर (लाहौल स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में 4.5 मेगावॉट की क्षमता वाली एकमात्र थिरोट परियोजना राम भरोसे चल रही है। परियोजना के तीन में से दो टरबाइन लंबे समय से बंद पड़े हैं। जबकि एक टरबाइन में विद्युत उत्पादन कार्य चल रहा है। इसमें महज 500 से 700 किलोवॉट बिजली पैदा की जा रही है। इसे कुल्लू से आने वाली विद्युत सप्लाई के साथ कनेक्ट किया गया है।
सर्दियों में कुल्लू से लाहौल की विद्युत आपूर्ति बर्फबारी के कारण बाधित हो जाती है। अगर लाहौल की थिरोट परियोजना ठप पड़ जाए तो लाहौल घाटी में लंबे समय तक अंधेरा छा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थिरोट परियोजना में वर्तमान में काम रहा टरबाइन कभी भी धोखा दे सकता है। इन दिनों भी लाहौल घाटी में बिजली गुल हो रही है। घाटीवासी बिजली और दूरसंचार सेवाओं को लेकर चिंतित हैं लेकिन परियोजना प्रबंधन मामले को लेकर गंभीर नहीं है। लाहौल स्पीति जिला परिषद के चेयरमैन रमेश रूअलवा, जिला परिषद सदस्य सुदर्शन जस्पा, तजिन कारपा, तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि परियोजना के अधिकारियों ने काफी समय पहले कहा था कि दोनों टरबाइन के पार्ट्स को ठीक करने के लिए भेजा है। लेकिन अभी तक टरबाइन का दुरुस्त न होना परियोजना प्रबंधन की लापरवाही है। उन्होंने परियोजना प्रबंधन को चेताया है कि अगर इसी माह परियोजना के तीनों टरबवाइनों को दुरुस्त नहीं किया गया तो प्रबंधन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। केलांग में तैनात बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता उधम सिंह ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर खराब टरबाइन के पार्ट्स पहुंच जाएंगे। सर्दियों से पहले खराब टरबाइन को दुरुस्त किया जाएगा।