बिना गुरु कैसे जलेगी शिक्षा की लौ, हजाराें विद्यार्थियों के भविष्य पर लटकी तलार
विज्ञान और वाणिज्य संकाय के प्रवक्ता नहीं होने से विद्यार्थी ज्यादा हो रहे परेशान
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी चल रही है। हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है। जिले में 111 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं।
इनमें कई विद्यालय ऐसे में हैं जिनमें विभिन्न विषयों के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। इस वजह से विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिले के सरकारी विद्यालयों में प्रवक्ताओं के 208 पद रिक्त हैं। प्रवक्ता न होने से हजारों विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिना शिक्षक पढ़ाई भी पहाड़ सी हो गई है। सबसे अधिक परेशानी विज्ञान और वाणिज्य संकायों के विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही है। बिना शिक्षक उन्हें कठिन विषयों को पढ़ने और समझने में समस्याएं आ रही हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि तीन माह के अंतराल में शिक्षकों और गैर शिक्षकों की कमी का ब्योरा शिक्षा निदेशालय को पत्राचार के माध्यम से भेजा जाता है लेकिन अभी नई नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। स्कूल प्रबंधन समितियां भी मासिक बैठकों में प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग को सौंपती हैं। इनमें विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षकों के पदों को भरने की मांग प्रमुखता से रखी गई होती है। उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक देश राज डोगरा ने कहा कि तीन माह के अंतराल में सभी सातों शिक्षा खंडों से शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी ली जाती है और निदेशालय भेजी जाती है, जिन विद्यालयों में प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। उन्हें भरने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि कहा कि जिला में प्रवक्ताओं के 858 पद स्वीकृत हैं जिनमें 650 पदों पर प्रवक्ता तैनात हैं।