कोकसर (लाहौल-स्पीति)। बीआरओ के रोहतांग दर्रा से बर्फ नहीं हटाने पर लाहौल के जनप्रतिनिधि एवं युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला लिया। लाहौल-स्पीति जिला परिषद रमेश की अगुवाई में बुधवार को 35 युवाओं सहित कुछ पंचायत प्रधानों ने लोक निर्माण विभाग के अधीन सड़क कोकसर से सात किलोमीटर दूर डोहरनी बाईपास के तहत लगभग तीन किलोमीटर तक बिछी बर्फ की चादर को हटाकर सड़क साफ की। इसमें पीडब्ल्यूडी जेसीबी की सहायता भी ली गई।
मढ़ी से ग्रांफू तक लगभग 30 किलोमीटर लंबी सड़क से बर्फ हटाने को लाहौल वासियों ने चंदा एकत्र कर डेढ़ लाख तक जमा कर लिया था। जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ने कहा कि बुधवार को केलांग और कारदंग पंचायत के प्रधानों सहित 35 युवा केलांग से कोकसर से सात किलोमीटर दूर बाईपास तक जिप्सी और फॉर बाई फॉर वाहनों में आए। बेलचों से कैंचियों में बर्फ के ढेरों को सड़क से हटाया। बीआरओ के रोहतांग दर्रा नहीं खोलने के फरमान से आहत होकर ऐसा कदम उठाना पड़ा है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति अश्वनी कुमार चौधरी ने फोन के माध्यम से उनकी टीम को यह कहकर वापस बुलाया कि बीआरओ ने अब रोहतांग दर्रा दोबारा यातायात के लिए फैसला लिया है। बुधवार को पूरा दिन लगाकर उन्होंने राक्षी ढांक तक बर्फ को हटाया। इसके बाद ही उनकी टीम ने वापस जाने का निर्णय लिया। आगे भी ऐसी मुसीबत आती है तो वह हमेशा आगे मार्गदर्शक बनेंगे। उधर, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता डमरेश्वर ठाकुर ने कहा कि बाईपास से बर्फ हटाने के उनकी जेसीबी मशीन को जिप अध्यक्ष की मांग पर भेजी गई है।