पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का अभाव
बंजार घाटी के अनछुए पर्यटन स्थलों को देख रोमांचित हो रहे सैलानी
प्रकृति के बीच समय गुजारने को देश-विदेश के सैलानी पहुंचते हैं घाटी
हरिकृष्ण कौल
बंजार (कुल्लू)। बंजार घाटी में प्रकृति का लुत्फ उठाने के लिए इन दिनों देश विदेश से सैलानी पहुंच रहे हैं। घाटी के पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का अभाव है। पर्यटन व्यवसायी अपने स्तर पर अनछुए पर्यटन स्थलों को उभारने में जुटे हुए हैं। हालांकि बजट का अभाव इस पहल को प्रभावित कर रहा है।
तीर्थन घाटी के गुशैणी शाईरोपा, देयोरी, नागनी, फलाचन घाटी के वनरागी, घलियाड़, बठाहड़, शरची, सोझा, बाहू, जिभी, घियागी, गाड़ागुशैनी में होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे इन दिनों पैक चले हुए हैं। तीर्थन घाटी में विश्व धरोहर के नाम से विश्व विख्यात ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क देखने वालों का तांता लगा हुआ है। पर्यटकों को भी बंजार की खूबसूरत वादियों का ठंडा मौसम भा रहा है लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय पर्यटक व्यवसायी राकू ठाकुर, संदीप कंवर, ललित, लीना, गिरधारी लाल, तनू, टेक सिंह, ऐलू राम, महेंद्र, सुंदर, काका और गुड्डू के अनुसार सुविधाओं में सड़क की दशा सही न होना, पर्यटन सूचना केंद्र न होना, पर्यटन स्थलों की जानकारी सही तरीके से प्रदर्शित न होना, लारजी में स्पोर्ट्स गतिविधि न होना जैसी कई सुविधाओं का अभाव है। हालांकि पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य को देख घाटी की ओर खींचे चले आते हैं लेकिन मानचित्र में इन पर्यटन स्थलों का कोई उल्लेख नहीं है। सुविधाएं देने पर निश्चित तौर पर यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और रोहतांग दर्रा पर दबाव होगा। पर्यटकों को अच्छी सुविधाएं मिलने पर बंजार घाटी का पर्यटन कारोबार चमक सकता है। घाटी में साल दर साल पर्यटकों की संख्या मे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विदेशी पर्यटकों के अलावा अब भारतीय पर्यटक भी बंजार घाटी का रूख करने लगे हैं लेकिन सुविधाओं के मामले में घाटी में कुछ खास नहीं हो पाया है।
डीटीडीओ बीसी नेगी ने बताया कि पर्यटन स्थलों का जल्द जायजा लिया जाएगा और इन्हें उभारने खाका तैयार किया जाएगा।