टिकट मिलने के बाद दो धड़ों में बंटी कांग्रेस
अपना आजाद प्रत्याशी मैदान में उतारेगा कांग्रेस का गुट
टिकट से वंचित हुए नेता बिगाड़ सकते हैं समीकरण
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल स्पीति)। जिला लाहौल स्पीति में चुनावी माहौल गरमा गया है। वहीं टिकट फाइनल होने के बाद गुटबाजी भी चरम पर पहुंच गई है। भाजपा तथा कांग्रेस में टिकट से वंचित नेता अपने पार्टी के प्रत्याशी को डुबोने के लिए हर पैंतरा अपनाने को तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी व पूर्व विधायक रघुवीर सिंह ने कहा कि वह 23 अक्तूबर को अपने तमाम समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं।
कांग्रेस के राजेंद्र कारपा बाबू को पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतारने की योजना है। अब सबकी नजरें सोमवार को होने वाले नामांकन पर टिकी हुई है। दोनों पार्टी में टिकट से वंचित नेता भाजपा तथा कांग्रेस के प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। भाजपा से प्रत्याशी डॉ रामलाल मार्कंडेय और कांग्रेस से रवि ठाकुर ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। जबकि टिकट से वंचित अन्य नेता रणनीति बनाने में लगे हैं।
लाहौल-स्पीति में भाजपा से चार और कांग्रेस से टिकट के लिए आठ नेता दौड़ में थे। अभी तक टिकट के लिए आवेदन करने वाले नेता अपनी पार्टी की ओर से घोषित नेताओं के पक्ष में प्रचार को आगे नहीं आए है। कांग्रेस के राजेंद्र कारपा बाबू ने कहा कि सोमवार को समर्थकों के साथ नामांकन पत्र भरेंगे। जिला भाजपा अध्यक्ष राजेंद्र बोध, उदयपुर मंडल अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर और स्पीति मंडल अध्यक्ष पलजोर बोध ने कहा कि विरोधी कार्य करने वालों की सूची हाईकमान के ध्यान में प्रेषित की जाएगी। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनिल सहगल ने कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की है।