कुल्लू। उम्मीदवारों से संबंधित विज्ञापनों और पेड न्यूज के मामलों पर भी निर्वाचन आयोग की कड़ी नजर रहेगी। इसके लिए जिला स्तरीय एमसीएमसी यानि मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मियों को अवगत करवाने के लिए एमसीएमसी ने बचत भवन में एक कार्यशाला आयोजित की।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी यूनुस ने बताया कि कुल्लू जिला में आदर्श आचार संहिता के अक्षरश: अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार विभिन्न समितियों का भी गठन किया गया है। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने वाले विज्ञापनों के अलावा पेड न्यूज के मामलों पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय एमसीएमसी का गठन किया गया है। विज्ञापनों के माध्यम से किए जाने वाले प्रचार का खर्च भी संबंधित उम्मीदवार के चुनावी खर्च में शामिल कर दिया जाता है।
इनके अलावा अगर कोई समाचार किसी प्रत्याशी के पक्ष में बढ़ा-चढ़ाकर लिखा हुआ या प्रसारित किया हुआ पाया जाता है तथा जिला स्तरीय एमसीएमसी को यह समाचार पेड न्यूज का संदिग्ध मामला लगता है तो समिति तुरंत संबंधित निर्वाचन अधिकारी को सूचित करेगी। निर्वाचन अधिकारी 96 घंटे के भीतर उस प्रत्याशी को नोटिस जारी करेगा। अगर संबंधित प्रत्याशी 48 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब नहीं देता है तो एमसीएमसी का निर्णय अंतिम माना जाएगा। प्रत्याशी जिला स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय के खिलाफ 48 घंटे के भीतर राज्य स्तरीय एमसीएमसी के समक्ष अपील कर सकता है। राज्य स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय के खिलाफ निर्वाचन आयोग में अपील की जा सकती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने विशेषकर लोकल टीवी चैनलों और केबल आपरेटरों को निर्देश दिए कि वे किसी भी विज्ञापन और अन्य राजनीतिक गतिविधियों व आयोजनों को जिला स्तरीय एमसीएमसी की अनुमति के बगैर प्रसारित न करें। इस मौके पर जिला स्तरीय एमसीएमसी के सदस्य सचिव एवं जिला लोक संपर्क अधिकारी शेर सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी और सभी मीडिया कर्मियों का स्वागत किया तथा विज्ञापनों और पेड न्यूज से संबंधित मामलों की जानकारी दी।