कुल्लू। कुल्लू जिला सार्वजनिक वितरण प्रणाली डिपो संचालक समिति के सदस्य मांगों को लेकर गत दिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से शिमला में मिले। कांग्रेस महामंत्री सुंदर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में मिली समिति ने पांच लिखित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। सोमवार को कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए समिति की भुंतर इकाई के अध्यक्ष टशी नोरबू नेगी ने बताया कि एपीएल और बीपीएल की कमीशन एनएफएसए की कमीशन के बराबर की जाए या फिर डिपो होल्डरों को मासिक वेतन दिया जाए। इसके अलावा सिविल सप्लाई के थोक के गोदामों में जो शॉटेज दी जाती है, उसी प्रकार डिपो संचालकों को भी शॉटेज दी जाए। डिपो संचालकों को गोदामों का किराया देने के साथ डिपो संचालकों को फूड सेफ्टी लाइसेंस के दायरे से बाहर रखने की मांग की गई। क्योंकि हमको सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन सरकार द्वारा ही स्वीकृति कर सप्लाई दी जाती है। वहीं, एनएफएसए की कमीशन डिपो संचालकों को सन 2016 से दी जा रही है। जबकि एनएफएसए का कार्य 2013 से हिमाचल सरकार की ओर से चलाया गया था। लेकिन, इस बीच जो एरियर डिपो संचालकों का तीन साल का बनता है, उसे ब्याज सहित उन्हें दिया जाए। समिति के अध्यक्ष टशी नोरबू नेगी, प्रवक्ता गोकुल चंद ठाकुर तथा सदस्य ओम प्रकाश ने कहा कि डिपो में काम करती बार अगर कोई घटना घटती है तो उस परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उनको दी गई पीओएस मशीन तथा डिजिटल राशन कार्ड में 40 प्रतिशत त्रुटियां हैं। मुख्यमंत्री ने समिति की मांगों को सुना और जल्द कार्यवाही करने आश्वासन दिया।